अंतरराष्ट्रीय बाजार में लैवेंडर तेल की मांग बढ़ गई है। इससे चुराह क्षेत्र के किसान खुश हैं। विदेश-देश से लैवेंडर तेल और फूलों की बढ़ती मांग को पूरा करना उनके लिए चुनौती बन गया चम्बा( हिमाचल वार्ता न्यूज )अंतरराष्ट्रीय बाजार में लैवेंडर तेल की मांग बढ़ गई है। इससे चुराह क्षेत्र के किसान खुश हैं। विदेश-देश से लैवेंडर तेल और फूलों की बढ़ती मांग को पूरा करना उनके लिए चुनौती बन गया है। उत्तराखंड से दो लाख लैवेंडर फूलों की स्टिक की मांग को पूरा करने के लिए उन्हें जम्मू-कश्मीर से भी लैवेंडर फूल मंगवाने पड़े। किसान संजय जरयाल लैवेंडर फूलों की खेती कर क्षेत्र के 25 युवाओं को रोजगार के साथ जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। संजय जरयाल चंबा जिले में पर्पल रेवोल्यूशन लाने की चाह में अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं। चुराह विधानसभा क्षेत्र का सेईकोठी इलाका लैवेंडर फूलों की खेती के लिए काफी उपयुक्त साबित हो रहा है। लैवेंडर फूलों से तेल निकालने के बाद इसे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजा जा रहा है। सेईकोठी निवासी संजय जरयाल ने बताया कि वह 15 वर्षों से लैवेंडर फूलों की खेती कर रहे हैं। लैंवेंडर की विशेषता यह है कि फूल, स्टिक समेत पौधे की भी बिक्री होती है।जंगली जानवरों के अलावा लावारिस मवेशी भी इन फूलों को न खाते हैं और न ही उजाड़ते हैं। लैवेंडर फूल से तैयार होने वाले तेल की देश-विदेश में काफी मांग हैं। लैवेंडर तेल बाजार में 15 हजार रुपये लीटर बिक रहा है। उन्होंने बगीचों के पास ही फूलों का तेल निकालने के लिए मशीनरी लगाई है। लैवेंडर तेल में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। इसका तेल आंतों की सूजन, दर्द और डायरिया में फायदेमंद होता है। यह खराब बैक्टीरिया को दूर करने और संक्रमण से लड़ने में भी मदद करता है। झड़ते बालों और बालों में जूं की समस्या का यह अचूक उपाय है।
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Sunday, October 18
