Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • डॉ. शांडिल 23 अक्तूबर को सायरी के प्रवास पर
    • मार्च 2027 से पहले सिरमौर को बेसहारा गोवंश मुक्त बनाने का लक्ष्य
    • सराहां अस्पताल में हफ्ते में एक दिन मिलेगी अल्ट्रासाउंड सुविधा
    • पूर्व विधायक सदानंद चौहान की स्मृति में 40 यूनिट रक्त एकत्र किया
    • जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय नाहन का शानदार प्रदर्शन,
    • नाहन की मुख्य पेयजल योजना की पाइपलाइन फटी, शहर की जलापूर्ति पर संकट के बादल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Thursday, October 22
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»गिरिपाऱ क्षेत्र में आरंभ हुआ तीन दिवसीय बीशू पर्व
    सिरमौर

    गिरिपाऱ क्षेत्र में आरंभ हुआ तीन दिवसीय बीशू पर्व

    By Himachal VartaApril 13, 2023
    Facebook WhatsApp

    बीशू पर बुरांस के फूलों की माला घर के बाहर लगाना शुभ मानते हैं लोग                                                                                 राजगढ़( हिमाचल वार्ता न्यूज)(लक्ष्य शर्मा) :- राजगढ़ जनपद में तीन दिवसीय बैशाखी अर्थात बीशू  पर्व बुधवार को पारंपरिक सिडडू व्यंजन के साथ  आरंभ हो गया । बता दें कि गिरिपार क्षेत्र में बीशू अर्थात बैशाखी पर्व को वर्ष का पहला त्यौहार माना जाता है । इस पर्व कालांतर से  आटे के बकरे  बनाने की अनूठी परंपरा बदलते परिवेश में भी कायम  है ।जाने माने वरिष्ठ साहित्यकार एंव लेखक शेरजंग चैहान, वरिष्ठ नागरिक सूरत सिंह चैहान ने बताया कि राजगढ़ जनपद में बीशू का त्यौहार संक्रांति से दो दिन पूर्व आरंभ हो जाता है । जिसमें पहले दिन लोगों द्वारा सिडडू बनाए जाते हैं । इसी प्रकार दूसरे दिन विशेष व्यंजन के रूप में आटे के बकरे बनाए  जाते हैं जिसे लोग बड़े चाव से घी के साथ  खाते हैं । इस दिन रात्रि को गिरिपार का विशेष व्यंजन अस्कलियां बनाई जाती है । सक्रांति के दिन प्रातः सबसे पहले लोग अपने गांव के कुल देवता के दरबार में बुरांस की माला लगाते हैं तदोंपरात बुरांस की लड़ियां अपने घरों में लगाने की परंपरा आज भी कायम  है । बैशाख संक्राति को देवालय और घर पर बुरांस का फूल लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है जोकि खुशहाली और सुख समृद्धि का प्रतीक माना जाता है । लोग बुरांस के फूलों को इस त्यौहार के लिए  जंगलों से ढूंढ कर लाते हैं ।गौर रहे कि बैशाख की सक्रांति को स्थानीय भाषा में बड़ा साजा कहते हैं इस दिन गांव के मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है । लोग अपने कुलदेवता को चावल की भेंट अर्पित करते हैं। इस दिन लोग अपने घरों पटांडे और खीर बनाते हैं । इस पर्व पर लोग अपनी बहन व बेटियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित करते हैं । शेरजंग चैहान ने बताया कि बीशू पर्व पर आटे के बकरे बनाना भी बहुत शुभ माना जाता है । बताया कि  सिडडू बनाने का प्रचलन भी कालांतर से हैं । इसी प्रकार चावल के आटे से अस्कलियां विशेष पत्थर के खांचे में बनाई जाती है जोकि खाने में बहुत की स्वादिष्ट होती है । गिरिपार क्षेत्र  में  बीशू की साजी के अवसर पर कई स्थानों पर मेलों का भी आयोजन होता है  । राजगढ़ में बैशाख की संक्राति पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है ।उन्होने बताया  कि पहाड़ी क्षेत्रों में वर्ष में पड़ने वाली चार बड़ी साजी का विशेष महत्व है । जिनमें बैशाख संक्राति, श्रावण मास की  हरियाली संक्राति, दीपावली और मकर संक्राति शामिल है । इस दिन लोग अपने कुलदेवता के मंदिर में जाकर विशेष रूप से हाजरी भरते हैं । बैशाखी के पर्व पर राजगढ़ के समीप शाया स्थित शिरगुल देवता के मंदिर में हजारों लोगों ने अपनी हाजरी लगाते  हैं । मेले व त्यौहार किसी भी क्षेत्र की संस्कृति के संवाहक है जो लोगों को अपने अतीत से जोड़ते हैं ।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • डॉ. शांडिल 23 अक्तूबर को सायरी के प्रवास पर
    • मार्च 2027 से पहले सिरमौर को बेसहारा गोवंश मुक्त बनाने का लक्ष्य
    • सराहां अस्पताल में हफ्ते में एक दिन मिलेगी अल्ट्रासाउंड सुविधा
    • पूर्व विधायक सदानंद चौहान की स्मृति में 40 यूनिट रक्त एकत्र किया
    • जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय नाहन का शानदार प्रदर्शन,
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.