काँगड़ा (हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल में मरीजों को रोबोटिक सर्जरी की सुविधा जल्द मिलेगी । रोबोटिक सर्जरी से चिकित्सा के क्षेत्र में एक क्रांति के नए अध्याय की शुरुआत होगी। दिन-प्रतिदिन नवीन टेक्नोलॉजी ने विकास की दशा और दिशा को बदलकर रख दिया है, तो फिर चिकित्सा का क्षेत्र इससे कैसे अछूता रह सकता है। टेक्नोलॉजी और विज्ञान विकास के इंजन हैं और वैश्विक समृद्धि का सबसे महत्त्वपूर्ण कारण हैं। टेक्नोलॉजी का दुनिया के लगभग हर क्षेत्र में योगदान हैं चिकित्सा क्षेत्र की बात की जाए तो प्रौद्योगिकी ने चिकित्सा में उल्लेखनीय नवाचार और उत्कृष्ट सुविधाएं प्रदान की हैं जिससे बहुत सारी बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिली है। ऐसे में टांडा अस्पताल में एक नई कडी रोबोटिक सर्जरी की जल्द जुडने वाली है इस रोबोटिक सर्जरी का लाभ लगभग सात जिलों चंबा, मंडी, हमीरपुर, ऊना, कुल्लू, बिलासपुर व सबसे बड़े जिला कांगड़ा के लोगों को मिलेगा। लगभग आधे हिमाचल की 30 लाख से अधिक की आबादी सीधे तौर पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा का लाभ मिलेगा। टांडा अस्पताल में जल्द ही 2 रोबोटिक कैथ लैब सथापित की जाएंगी। इस सुविधा से मरीजों को बहुत अधिक लाभ होगा एक और जहां उन्हें सर्जरी के दौरान बड़े बड़े चीरों से निजात मिलेगी वहीं रोगी स्वस्थ भी जल्दी होंगे। जोकि रोगियों चिकित्सकों और चिकित्सा से सम्बन्धित कर्मियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। हिमाचल प्रदेश में अभी तक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मौजूद नहीं हैं। टांडा अस्पताल प्रदेश का पहला अस्पताल होगा जहां यह सुविधा उपलब्ध होगी। भारत में पहली बार 2006 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली में अपना पहला यूरोलॉजिक रोबोटिक र्जरी की शुरुआत हुई थी तथा विश्व में पहली बार 1980 में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हुई थी।
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Sunday, October 18
