Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • कसौली विधानसभा क्षेत्र में लगभग 225 करोड़ रुपए की सिंचाई व पेयजल योजनाएं का कार्य प्रगति पर – मुकेश अग्निहोत्री
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज का एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक – अजय यादव
    • चार दिन के लिए नाहन में सजा आभूषणों का भव्य संसार
    • सिरमौर जिला में पूरा हुआ गेहूं खरीद का कार्य, किसानों से खरीदा गया 19777 क्विंटल गेहूँ
    • हमारी संस्कृति ही हमारी वास्तविक धरोहर – संजय अवस्थी
    • सरकारी ई-बाज़ार और ऑनलाइन व्यापार पर केंद्रित कार्यशाला आयोजित
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, June 17
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»डाॅ. वाईएस परमार मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल में एमबीबीएस प्रशिक्षु डाॅक्टरों ने नैशनल एग्जिट टैस्ट (नैक्स्ट) के खिलाफ काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रकट किया।
    सिरमौर

    डाॅ. वाईएस परमार मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल में एमबीबीएस प्रशिक्षु डाॅक्टरों ने नैशनल एग्जिट टैस्ट (नैक्स्ट) के खिलाफ काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रकट किया।

    By Himachal VartaJuly 1, 2023
    Facebook WhatsApp

    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ )     जिला मुख्यालय नाहन स्थित डाॅ. वाईएस परमार मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल में शनिवार को एमबीबीएस प्रशिक्षु डाॅक्टरों ने नैशनल एग्जिट टैस्ट (नैक्स्ट) के खिलाफ काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रकट किया। करीब आधे घंटे प्रशिक्षु डाॅक्टरों ने मेडिकल काॅलेज परिसर में प्रदर्शन किया। काॅलेज के सीएससीए के अध्यक्ष संजीत राणा, उपाध्यक्ष सृष्टि शर्मा व महासचिव आकांक्षा ने बताया कि पूरे देश में वर्ष 2019 से नैशनल एग्जिट टैस्ट लागू किया गया है, जिसका वर्ष 2019 के बैच के प्रशिक्षु चिकित्सक कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में इस अधिसूचना के लागू होने से पहले उनका बैच आरंभ हो चुका था। लिहाजा उन पर यह शर्त लागू नहीं की जाए।प्रशिक्षुओं ने कहा कि नैशनल एग्जिट टैस्ट एमबीबीएस के लाइसैंस की एक परीक्षा है, जो मेडिकल प्रैक्टिस के लिए लागू की गई है। इसके अलावा पोस्ट ग्रैजुएट प्रवेश परीक्षा के लिए भी नैक्स्ट परीक्षा को लागू किया गया है, जिसका एमबीबीएस के वर्ष 2019 के बैच के विद्यार्थी पूरी तरह से विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस का वर्ष 2019 का बैच 1 अगस्त, 2019 से लागू हो गया था जबकि एनएमसी का एक्ट 8 अगस्त, 2019 को पब्लिश होने के बाद सितम्बर, 2020 में लागू किया गया था। इस मौके पर आकांक्षा, केतन चौधरी, अजय ठाकुर, जयादित्य कंवर, सोलानी ठाकुर व आकांक्षा चौधरी के अलावा दर्जनों प्रशिक्षु डाॅक्टर मौजूद रहे।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • कसौली विधानसभा क्षेत्र में लगभग 225 करोड़ रुपए की सिंचाई व पेयजल योजनाएं का कार्य प्रगति पर – मुकेश अग्निहोत्री
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज का एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक – अजय यादव
    • चार दिन के लिए नाहन में सजा आभूषणों का भव्य संसार
    • सिरमौर जिला में पूरा हुआ गेहूं खरीद का कार्य, किसानों से खरीदा गया 19777 क्विंटल गेहूँ
    • हमारी संस्कृति ही हमारी वास्तविक धरोहर – संजय अवस्थी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.