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    सिरमौर

    भगवान परशुराम ताल का होगा जयोणोधार

    By Himachal VartaJuly 8, 2023
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    नाहन हिमाचल वार्ता न्यूज़  (एसपी जैरथ):- बीते वर्ष रेणुकाजी तीर्थ के धार्मिक स्थलों को वन्य प्राणी सेंक्चुरी से बाहर कर दिया गया था जिसके कारण यहां अब विकास की योजनाएं लागू की जाने लगी हैं। इसी सिलसिले में श्री रेणुकाजी तीर्थ में 16 करोड़ से बनने वाली सीवरेज योजना और दूसरी 13 करोड़ रुपये की परशुराम ताल के जीर्णोद्धार की योजना शामिल है। इन दोनों योजनाओं की डीपीआर तैयार कर ली गई है।बता दें कि पहले रेणुकाजी वन्य प्राणी सेंक्चुरी में शामिल होने के कारण यहां विकास की कोई भी योजना लागू नहीं की जा सकती थी परन्तु अब रेणुकाजी तीर्थ के धार्मिक स्थल वन्य प्राणी सेंक्चुरी से बाहर होने के बाद यहां विकास कार्यों की गति तेज़ होने लगी है। इस योजना के तहत भगवान परशुराम ताल को सूखने से बचाने, इसे गाद मुक्त करने, जल स्रोतों का संरक्षण और बरसात के दिनों में बहकर आने वाली मिट्टी की रोकथाम के लिए चेकडैम स्थापित किए जाएंगे। साथ ही ऐतिहासिक परशुराम ताल की सुंदरता को भी बढ़ाया जाएगा।रेणुकाजी तीर्थ भगवान परशुराम की जन्मस्थली होने के कारण उत्तर भारत के लोगों की आस्था का केंद्र है तथा यहां प्रतिवर्ष पर्यटकों के अतिरिक्त लाखों श्रद्धालु और यात्री आते हैं। माना जाता है कि बाल्यकाल में भगवान परशुराम इस ताल में स्नान करते थे। तब से ही इस तालाब को परशुराम ताल के नाम से जाना जाता है।

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