लाहौल स्पीति ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में लाहुल स्पीति के लोग स्वेच्छा से मदद को आगे आने लगे हैं। घाटी में फंसे लोगों की मदद के लिए लोगों ने अपने घरों, होटलों, होम स्टे के साथ मंदिरों और बौद्ध मठों के दरवाजे खोल दिए हैं। जानकारी के मुताविक बारिश और बाढ़ से मनाली-लेह सडक़ मार्ग अवरुद्ध हो जाने से लाहुल के कई हिस्सों में लोग फस गए हैं। ऐसे ही कुल्लू जिला के लग वेली से लाहुल भ्रमण को निकले स्कूली बच्चो के साथ टीचिंग स्टाफ लाहुल में फस गया है। ग्राम पंचायत गौशाल अजीत सिंह के साथ पूरा गांव बच्चों की मदद के लिए आगे आया है। अजीत ने बताया कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली कि स्कूली बच्चे अपने अध्यापकों के साथ तांदीपुल के आस-पास फंसे हैं उन्होंने तत्काल ग्रामीणों के साथ मिल कर तुपचलिंग बौद्ध मठ के दरवाजे खोल दिए।लगवेली के करीब 55 स्कूली बच्चे, टीचर और बस स्टाफ को बौद्ध मठ में ठहराया गया है। ग्रामीणों ने उनके खाने के लिए राशनए, एलपीजी और बिस्तर का प्रबंध किया है। जबकि बंजार क्षेत्र के करीब 16 लोगों को गौशाल गांव में ठहराया गया है। गांव के युवक और महिलाओं की खाना बनाने की ड्यूटी लगाई गई है। अजीत ने बताया कि यह सभी लोग सुरक्षित हैं। उधर जोबरंग पंचायत के पूर्व प्रधान, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तंजिन करपा समेत कई होम स्टे संचालकों ने सोशल मीडिया में अपना फोन नंबर पोस्ट कर फंसे लोगों हर संभव मदद का एलान किया है।
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Wednesday, September 2
