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    Home»हिमाचल प्रदेश»चंबा»पर्यावरण को परदूषित करने को लेकर नगर परिषद चंबा और डलहौजी को 22 लाख रुपए जुर्माना किया गया है।
    चंबा

    पर्यावरण को परदूषित करने को लेकर नगर परिषद चंबा और डलहौजी को 22 लाख रुपए जुर्माना किया गया है।

    By Himachal VartaJuly 14, 2023
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    चंबा ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ )  चंबा पर्यावरण को प्रदूषित करने पर नगर परिषद चंबा और डलहौजी को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 22 लाख का जुर्माना ठोंका है। नगर परिषद की तरफ से बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कूड़ा-कर्कट खुले में फेंका जा रहा था। इसकी वजह से पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा था। नगर परिषद की कारगुजारी से तंग आकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चंबा ने अपनी एक रिपोर्ट बनाकर शिमला भेजी। इसमें नगर परिषद चंबा और डलहौजी को भारी-भरकम जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई। इसी सिफारिश के चलते राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। 22 लाख का जुर्माना दोनों नगर परिषद को हर हाल में चुकाना होगा। इसमें चंबा नगर परिषद को 13 लाख जबकि डलहौजी को नौ लाख जुर्माना देना होगा। चंबा शहर के आसपास रावी नदी और विभिन्न नालों में खुले में कूड़े-कर्कट के ढेर देखे जा सकते हैं। इसके अलावा नगर परिषद की गाड़ियां कई बार रावी में कूड़ा फेंकते हुए पकड़ी गईं। इससे कहीं न कहीं पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था। इसी कारगुजारी को बंद करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कई बार नगर परिषद को चेतावनी दी और कई बार कूड़ा फेंकने वाली गाड़ियों के चालान भी काटे। बावजूद इसके नगर परिषद ने अपनी कारगुजारी को बंद नहीं किया। इसके चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिले में हो रहे पर्यावरण प्रदूषण की एक पूरी रिपोर्ट तैयार की। इसमें इस बात का जिक्र किया गया कि प्रदूषण किन कारणों से फैल रहा था। इसी रिपोर्ट के आधार पर शिमला से यह कार्रवाई की गई है। लाखों का जुर्माना होने से नगर परिषद के अधिकारियों के हाथ पांव फूलने लगे हैं क्योंकि इस जुर्माने से यह भी साबित होता है कि नगर परिषद रोजाना शहर से कूड़ा-कर्कट उठाकर वैज्ञानिक तरीके से निष्पादित नहीं कर रही है। यदि कूड़े का निष्पादन सही तरीके से हो रहा होता तो नगर परिषद को इस जुर्माने का सामना नहीं करना पड़ना था।

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