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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»डीसी के आदेशों की भी‌ हो रही अवहेलना।
    सिरमौर

    डीसी के आदेशों की भी‌ हो रही अवहेलना।

    By Himachal VartaJuly 26, 2023
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    नाहन हिमाचल वार्ता न्यूज़  (एसपी जैरथ):     – केंद्र व राज्य सरकारों के भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस के दावे की धज्जियां सरकारी तंत्र कैसे उड़ा रहा है। इसका जीता जागता मामला विकास खण्ड राजगढ़ की ग्राम पंचायत नेहरपाब में देखने को मिली है। इस पंचायत में भ्रष्टाचार के मामले में जांच में दोषी पाए जाने वाले चार कर्मचारियों पर उपायुक्त सिरमौर के आदेशों के डेढ़ वर्ष बाद भी इन कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पीडग निवासी सुरजीत सिंह ने ग्राम पंचायत नेहरपाब में मनरेगा में वित्तिय गड़बड़ी की शिकायत सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त सूचना के बाद उपायुक्त सिरमौर को की थी। जिस पर उपायुक्त सिरमौर ने एसडीएम राजगढ़ को मामले की जांच का जिम्मा वर्ष 2020 में सौंपा था। एसडीएम ने मामले की जांच करके रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी थी। उपायुक्त सिरमौर ने 19 जनवरी 2022 को खण्ड विकास अधिकारी को पत्र लिखकर तत्कालीन पँचायत सदस्य, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक व ग्राम रोजगार को मनरेगा कार्यों की देखरेख में कोताही बरतने का उत्तरदायी माना था। उपायुक्त सिरमौर ने इन सभी कर्मचारियों से 18 हजार 795 रुपए की वसूली करने व इन सभी के विरुद्ध भारतीय दण्ड सहिंता के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। लेकिन हैरानी का विषय है कि खण्ड विकास अधिकारी राजगढ़ ने करीब डेढ़ साल बाद 29 मई 2023 को उपायुक्त के आदेशों पर कार्यवाही करके थाना प्रभारी को पत्र लिखकर इन चारों कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने को कहा। मगर पुलिस ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कि है। शिकायत करता सुरजीत सिंह ने सभी दस्तावेज पत्रकारों को देते हुए बताया कि खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय उन पर इस मामले में समझौता का दबाव बना रहा है। बीडीओ कार्यालय ने उपायुक्त के आदेशों को लागू करने में डेढ़ साल का समय लगाया है। उसने कहा कि यदि अब भी कोई कार्यवाही नहीं हुई तो उन्हें मजबुरन अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। इस बारे थाना प्रभारी रविन्द्र कौशल से सम्पर्क करने पर उन्होंने पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि खण्ड विकास अधिकारी ने उन्हें सूचना दी है कि इस मामले में धन की वसूली हो चुकी है, इसलिए उन्होंने उपायुक्त सिरमौर में इस पर मार्गदर्शन मांगा है, उसके बाद ही आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उधर खण्ड विकास अधिकारी अरविंद गुलेरिया ने कहा कि पुलिस को पहले प्राथमिकी करने और बाद में वसूली की सूचना दे दी है।

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