नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) पांवटा साहिब-शिलाई एनएच-707 पर 17 दिन बाद यातायात बहाल हो गया। इससे सतौन, कमरऊ, तिलोरधार, कफोटा, शिलाई और रोनहाट क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को इस सड़क से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। पिछले दिनों मूसलाधार बारिश से नेशनल हाईवे जगह-जगह बंद हो गया था। हालांकि, जिला प्रशासन समेत एनएच प्राधिकरण ने एनएच को खोलने के लिए भरपूर प्रयास किए लेकिन बार-बार भूस्खलन और मलबा गिरने से सड़क बंद हो रही थीं। ये नेशनल हाईवे 9 जुलाई को भारी बरसात के कारण कई जगह से बंद हो गया था। सड़क में भारी मलबा आ गया था। सतौन के समीप कच्ची ढांक पर 150 मीटर सड़क धंस गई और स्कूल मोड़ पहाड़ी से भारी मलबा आने के कारण इसे बहाल करने में काफी समय लग गया। प्रशासन और एनएच प्राधिकरण ने कड़ी मशक्कत बाद कच्ची ढांक को सात दिन बाद 17 जुलाई को बहाल कर दिया था लेकिन स्कूल मोड़ पर मलबे की डंपिंग की परेशानी के चलते सड़क पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी।सड़क के नीचे निजी भूमि होने के कारण एनएच से मलबा स्कूल मोड़ से गाड़ियों में उठाकर पांच किलोमीटर दूर कच्ची ढांक तक ले जाना पड़ रहा था। बीते दिन सोमवार को एसडीएम कफोटा ने स्कूल मोड़ का दौरा कर राजस्व विभाग की जमीन में डंप करने के आदेश दिए। लिहाजा, अब ये सड़क बहाल कर दी गई है। मंगलवार दोपहर बाद सड़क आवाजाही के लिए खोल दी गई है। सड़क खुलने से गिरिपार सहित शिमला के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। सिरमौर में मूसलाधार बारिश के चलते अभी 24 सड़कें बंद हैं। विभाग की मशीनरी इन सड़कों को भी बहाल करने में जुटी है। नाहन में 11, शिलाई में 6 और संगड़ाह इलाके की 7 सड़कें अभी बंद हैं। इनमें अधिकतर संपर्क मार्ग हैं, जिन्हें खोलने का काम जारी है।
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Thursday, September 3
