सोलन ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) मानव भारती निजी विश्वविद्यालय पर हिमाचल प्रदेश में करीब पांच हजार फर्जी डिग्रियां बेचने का आरोप है। पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सोलन की जिला अदालत में पेश किए गए अंतिम अनुपूरक चालान में इसका खुलासा किया है। विश्वविद्यालय की ओर से ज्यादातर डिग्रियां उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बेची गईं हैं। एसआईटी का मानना है कि लोगों को फर्जी डिग्रियां उपलब्ध कराने का काम एजेंट करते थे। अंतिम अनुपूरक चालान में विश्वविद्यालय का मालिक राजकुमार राणा, उसकी पत्नी और बेटी समेत 21 लोग आरोपी हैं। फोरेंसिक लैब जुन्गा से सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद एसआईटी ने अंतिम अनुपूरक चालान तैयार किया।विश्वविद्यालय पर 46,000 फर्जी डिग्रियां बेचने का आरोप है। एसआईटी का दावा है कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। लैब को भेजे गए फर्जी डिग्रियों के नमूने और उत्तर पुस्तिकाओं की लिखावट की जांच में पाया गया कि दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ हुई है। जांच में यह भी पाया गया कि 12 राज्यों में फर्जी डिग्रियां बेची गईं हैं। इनमें महाराष्ट्र, बिहार, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और बंगलूरू शामिल हैं।
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Monday, October 5
