नाहन हिमाचल वार्ता न्यूज़ (एसपी जैरथ) :- राजगढ़ की बेटी हिमांशु चैहान ने राष्ट्रीय स्तर की ग्रेजुएट एप्टीचयूड टेस्ट इन इंजीनियरिग (गेट) की परीक्षा प्रथम प्रयास में उतीर्ण करके क्षेत्र व अपने माता पिता का नाम रोशन किया है । गेट की परीक्षा उतीर्ण करने के उपरांत हिमांशु चैहान का आर्किटेक्चर में स्नातकोत्तर की शिक्षा ग्रहण करने के लिए देश के शीर्ष संस्थान योजना तथा वास्तुकला विद्यालय दिल्ली (एसपीए ) में चयन हुआ है । जहां पर हिमांशु चैहान को करीब साढ़े 14 हजार प्रतिमाह छात्रवृति भी मिलेगी । बता दें कि पूरे देश में केवल तीन योजना तथा वास्तुकला विद्यालय (एसपीए ) दिल्ली, भोपाल और वियजवाड़ा में कार्यरत है जहां पर दाखिला पाने के लिए युवा को कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ता है। ग्रामीण परिवेश की बेटी द्वारा राष्ट्रीय स्तर की ग्रेजएट एप्टीचयूड टेस्ट इन इंजीनियरिग (गेट) की परीक्षा उतीर्ण करना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है । हिमांशु चैहान राजगढ़ की मूल निवासी है । इनके पिता प्रेमचंद चैहान स्कूल में हैडमास्टर और माता सरला चैहान स्कूल में सीएचटी के पद पर कार्यरत है ।
गौर रहे कि हिमांशु चैहान ने आर्किटेक्चर में स्नातक डिग्री राजीव गाँधी इंजीनियरिग कॉलेज कांगड़ा से उतीर्ण की है । इसके उपरांत इन्होने गेट की परीक्षा की तैयारी में जुट गई और प्रथम प्रयास में परीक्षा उतीर्ण करने पर हिमांशु चैहान का चयन तीन शीर्ष संस्थान एसपीए दिल्ली , भोपाल और जामिया मिलाया इस्लामिया केंद्रीय विश्वविद्यालय में चयन हुआ है परंतु हिमांशु ने एसपीए दिल्ली को ही चुना । हिमांशु ने अपनी सफलता का श्रेय आरजीजीईसी कांगड़ा के विभागीय प्रमुख सतीश कटवाल व संकाय के प्राध्यापकों तथा अपने माता पिता को दिया है । एक साक्षातकार में हिमांशु ने बताया कि वह अपनी छोटी बहन कृति चैहान को अपना प्रेरणा स्त्रोत मानती है जो कि दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफन कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रही है । जबकि हिमांशु की जुड़वा बहन हिमानी चैहान ने इसी वर्ष पंजाब विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान मे मास्टरर्स डिग्री उतीर्ण की है! बेटी की इस उपलब्धि के लिए पिता प्रेम चैहान व माता सरला चैहान ने बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके घर में तीन बेटियां अनमोल रत्न है जिन्होने समाज को यह बात बता दी कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेटा-बेटी एक समान है । प्रेम चैहान का कहना है कि उन्हें अपनी होनहार बेटियों पर गर्व है कि जिन्होने अपनी प्रतिभा से यह मुकाम हासिल किया है । उन्होने बताया कि बचाओ बेटी पढ़ाओं के नारे को सार्थक करने के लिए सभी को अपनी बेटियों को पूरा अवसर देना चाहिए।
गौर रहे कि हिमांशु चैहान ने आर्किटेक्चर में स्नातक डिग्री राजीव गाँधी इंजीनियरिग कॉलेज कांगड़ा से उतीर्ण की है । इसके उपरांत इन्होने गेट की परीक्षा की तैयारी में जुट गई और प्रथम प्रयास में परीक्षा उतीर्ण करने पर हिमांशु चैहान का चयन तीन शीर्ष संस्थान एसपीए दिल्ली , भोपाल और जामिया मिलाया इस्लामिया केंद्रीय विश्वविद्यालय में चयन हुआ है परंतु हिमांशु ने एसपीए दिल्ली को ही चुना । हिमांशु ने अपनी सफलता का श्रेय आरजीजीईसी कांगड़ा के विभागीय प्रमुख सतीश कटवाल व संकाय के प्राध्यापकों तथा अपने माता पिता को दिया है । एक साक्षातकार में हिमांशु ने बताया कि वह अपनी छोटी बहन कृति चैहान को अपना प्रेरणा स्त्रोत मानती है जो कि दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफन कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रही है । जबकि हिमांशु की जुड़वा बहन हिमानी चैहान ने इसी वर्ष पंजाब विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान मे मास्टरर्स डिग्री उतीर्ण की है! बेटी की इस उपलब्धि के लिए पिता प्रेम चैहान व माता सरला चैहान ने बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके घर में तीन बेटियां अनमोल रत्न है जिन्होने समाज को यह बात बता दी कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेटा-बेटी एक समान है । प्रेम चैहान का कहना है कि उन्हें अपनी होनहार बेटियों पर गर्व है कि जिन्होने अपनी प्रतिभा से यह मुकाम हासिल किया है । उन्होने बताया कि बचाओ बेटी पढ़ाओं के नारे को सार्थक करने के लिए सभी को अपनी बेटियों को पूरा अवसर देना चाहिए।
