मंडी ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) कीरतपुर नागचला फोरलेन पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा नहीं बढ़ेगी। चालकों को 60 की गति से अपने वाहन चलाने होंगे। गति सीमा को लेकर लोगों की तरह तरह की प्रतिक्रिया आ रही थी। लोग अधिकतम गति सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा करने की मांग कर रहे थे।एनएचएआई ने क्या दिया तर्क ? भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का तर्क है कि फोरलेन पहाड़ी राज्य की भोगौलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए डिजाइन हुआ है। ऐसा भी नहीं है कि वाहन अधिक गति से नहीं चल सकते हैं। फोरलेन सीधा होने के बजाय ढलानदार है। ऐसे में अधिक गति सीमा से हादसे हो सकते हैं। अन्य पहाड़ी राज्यों के फोरलेन पर भी वाहनों की अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा ही है।
अभी चालान नहीं ,वाहनों की गति पर नजर गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के फिलहाल अभी चालान नहीं होंगे। एनएचएआई हर वाहन की गति सीमा को रिकॉर्ड कर रहा है। सीसीटीवी व स्पीड रडार आदि अभी पुलिस के सिस्टम से नहीं जुड़े हैं। चालान के लिए पुलिस को गति सीमा का रिकार्ड एनएचएआई से लेना होगा।
मुख्यमंत्री ने किया गति सीमा बढ़ाने का आग्रह लोगों की प्रतिक्रिया को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर फोरलेन पर अधिकतम गति सीमा 80 करने का आग्रह किया। एनएचएआई के अधिकारियों ने केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय के नियमों का हवाला दिया। अधिकारियों ने तर्क दिया कि प्रदेश सरकार अगर गति सीमा बढ़ाना चाहती है तो अधिसूचना जारी कर दें। इस पर मुख्यमंत्री ने एनएचएआई को तय नियमों का पालन करने को कहा।
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Monday, October 5
