किन्नौर ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) उपायुक्त किन्नौर तोरूल रवीश ने आज जिला किन्नौर के सीमावर्ती गांव के विकास के लिए वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि जिला किन्नौर में 55 गांव को वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत लाया गया है जिनमें से 27 गांव में 131 विकासात्मक परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।
तोरूल रवीश ने कहा कि जिला किन्नौर के 27 सीमावर्ती गांव में छितकुल, बटसेरी, रकच्छम, पूह, नमज्ञां, टाशीगंग, नाको, लियो, चूलिंग, चांगो, चारंग, डूबलिंग, लाबरंग, नेसंग, कुन्नू, सुमरा, शलखर, यंगथंग, हंगमथ, हांगो, का, मलिंग, मलिंग डोगरी, थंगकर्मा, उपमोहाल डबलिंग, उपमोहाल दनमोछे तथा उपमोहाल खाब शामिल है।
उपायुक्त ने कहा कि इन 27 सीमावर्ती गांव में प्रस्तावित विकासात्मक परियोजनाओं पर लगभग 196 करोड़ रुपये की राशि के कार्य प्रस्तावित है। उन्होंने उपस्थित संबंधित विभाग के अधिकारियों से वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आने वाले गांव में कौशल विकास कार्यक्रमों पर बल देने को कहा।
तोरूल रवीश ने विभिन्न विभागों को वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आने वाले गांव में विभिन्न विकासात्मक गतिविधियां आयोजित करने के लिए वार्षिक कैलेण्डर तैयार करने को कहा। उन्होंने केंद्रीय व राज्य सरकार की योजनाओं का सफल क्रियान्यवन कर परिपूर्णता प्राप्त करने को कहा।
बैठक का संचालन सहायक आयुक्त-उपायुक्त संजीव कुमार भोट ने किया।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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Wednesday, September 2
