सोलन ( हिमाचलवार्ता न्यूज़ ) दस सितंबर को राष्ट्र स्तरीय खुंब मेले का आयोजन किया जा रहा है। तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेले का मुख्य आकर्षण एक लाख रुपये प्रति किलो बिकने वाली कोर्डिसीपस मीलिट्रेनस (कीड़ा-जड़ी) समेत मशरूम की सात नई किस्में भी रहेंगी। मेले में देशभर से करीब 1200 मशरूम उत्पादकों सहित विभिन्न विभागों के वैज्ञानिक भी भाग लेंगे। मेले के दौरान हिमाचल प्रदेश में कच्चा माल महंगा होने से घट रही मशरूम पैदावार पर भी चर्चा कर इसके लिए विकल्प भी तलाशा जाएगा। जानकारी के अनुसार खुंब मेला वर्ष 1998 से मनाया जा रहा है। इसमें देश भर के मशरूम उत्पादक भाग लेते हैं। इस दौरान उत्पादकों को मशरूम तैयार करने में आ रही समस्याओं सहित मशरूम में लगने वाले रोगों पर चर्चा की जाती है। देश भर में हर वर्ष 3010 मीट्रिक टन मशरूम तैयार की जाती है। इससे करीब चार अरब से अधिक का कारोबार होता है। इसके अलावा अकेले हिमाचल में ही 15 हजार टन मशरूम से करीब दो करोड़ का कारोबार होता है। लेकिन अब हिमाचल में मशरूम की पैदावार में कमी आई है। इसका मुख्य कारण कच्चा माल महंगा होना बताया जा रहा है। उधर, खुंब अनुसंधान एवं निदेशालय के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने बताया कि राष्ट्रस्तरीय मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस मेले के दौरान देशभर से आए मशरूम उत्पादकों की नई तकनीक सहित अन्य विषयों की जानकारी प्रदान की जाएगी।
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Sunday, October 4
