श्री रेणुका जी ( हिमाचलवार्ता न्यूज़ ) हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटक स्थल जल्द औषधीय पौधों की सुगंध से महकेंगे। प्रदेश में 51 हर्बल गार्डन स्थापित करने की योजना परवान चढ़ने लगी है। आयुष विभाग ने हर्बल गार्डन स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी है। इन स्थलों पर पार्क विकसित करने का जिम्मा सरकार ने आयुष विभाग को सौंप दिया है। सिरमौर जिले में यह पार्क दो स्थानों पर बनाए जाएंगे, जिनमें त्रिलोकपुर स्थित महामाया बालासुंदरी मंदिर और रेणुकाजी तीर्थ के परशुराम मंदिर के समीप इन पार्कों को विकसित किया जाएगा। रेणुकाजी तीर्थ में हर्बल गार्डन स्थापित करने के लिए रेणुकाजी विकास बोर्ड ने आयुष विभाग को स्वीकृति (एनओसी) दे दी है। रेणुकाजी के नवीन मंदिर परिसर के समीप करीब 10 बिस्वा भूमि पर हर्बल गार्डन को स्थापित किया जाएगा।परशुराम मंदिर के समीप खाली पड़ी यह भूमि रेणुकाजी मेले के आयोजन के दौरान ही इस्तेमाल में लाई जाती है। शेष दिनों इस भूमिका को इस्तेमाल नहीं किया जाता। लिहाजा, इस भूमि पर औषधीय पौधे लगाने के लिए बोर्ड ने दे स्वीकृति दी है। रेणुकाजी विकास बोर्ड के कार्यवाहक सीईओ एवं तहसीलदार ददाहू राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि आयुष विभाग की ओर से जगह का चयन करने के बाद इस भूमि पर हर्बल गार्डन स्थापित करने की एनओसी आयुष विभाग को दे दी गई है। उधर, आयुष विभाग के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शरदचंद्र त्रिवेदी ने बताया कि हर्बल गार्डन के लिए यह भूमि उपयुक्त है। इस भूमि पर शीघ्र ही औषधीय पौधों को विकसित करके सरकार के निर्देशों के अनुसार हर्बल गार्डन को विकसित किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों की आमद में इजाफा होगा, बल्कि धार्मिक स्थलों पर घूमने आने वाले लोगोंं को भी विभिन्न वनस्पतियों की जानकारी हासिल होगी। ऐसे औषधीय गुणों वाले पौधों के लाभ पट्टिकाओं के माध्यम से दर्शाए जाएंगे।
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Saturday, October 24
