नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (संजय सिंह):- चार दिवसीय अर्ली चाइल्ड केयर एजुकेशन कार्यशाला का दूसरा चरण शिक्षा खंड पांवटा साहिब में आयोजित किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी अरुण शर्मा तथा प्रशिक्षण समन्वयक सुरेखा रानी के द्वारा किया गया। कार्यशाला में उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज एंड्राइड युग में तकनीक ने शिक्षा की परिभाषा को भी रूपांतरित किया है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह करते हुए कहा कि इस तकनीकी दौर में उन्हें भी पीछे नहीं रहना चाहिए। उन्हें कंप्यूटर की बेसिक जानकारी सीख लेनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षक वह दीपक है जो खुद को जलाकर दूसरों को रोशनी देता है।ई. सी. सी. ई का प्रशिक्षण अनुभवी रिसोर्स पर्सन के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत चार्ट, कलर, कले इत्यादि वस्तुओं के उपयोग से विभिन्न प्रकार की माइंड मैपिंग क्रियाएं सिखाई व बनवाई जा रही हैं कि कार्यशाला में कक्षा पक्ष से संबंधित विभिन्न प्रकार की गतिविधियां भी कराई जा रही है जो कि पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के बालकों के लिए संचालित की जाएगी। दूसरे चरण की कार्यशाला में 5 दिनों में बच्चे कैसे सीखते हैं, उनके दिमाग का विकास कैसे होता है, फ्री प्ले, शारीरिक विकास, भाषा का विकास बौद्धिक विकास, रचनात्मक एवं भावनात्मक विकास के कौशलों पर भी चर्चा की जाएगी।बालकों का मूल्यांकन कैसे करें इस पर भी विचार विमर्श किया जाएगा। साथ ही साथ सभी अध्यापकों को एन ई. पी. मे. ई. सी. सी. ई की आवश्यकता और महत्व पर भी प्रकाश डाला जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों के साथ गतिविधियां करवाई गई। निपुण पर भी चर्चा की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान जिला परियोजना अधिकारी एवं प्रधानाचार्य डाइट हिमांशु भारद्वाज और प्री प्राइमरी के जिला समन्वयक फतेह पुंडीर ने प्रशिक्षण कार्यशाला का दौरा किया।
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Thursday, September 3
