Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • कसौली विधानसभा क्षेत्र में लगभग 225 करोड़ रुपए की सिंचाई व पेयजल योजनाएं का कार्य प्रगति पर – मुकेश अग्निहोत्री
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज का एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक – अजय यादव
    • चार दिन के लिए नाहन में सजा आभूषणों का भव्य संसार
    • सिरमौर जिला में पूरा हुआ गेहूं खरीद का कार्य, किसानों से खरीदा गया 19777 क्विंटल गेहूँ
    • हमारी संस्कृति ही हमारी वास्तविक धरोहर – संजय अवस्थी
    • सरकारी ई-बाज़ार और ऑनलाइन व्यापार पर केंद्रित कार्यशाला आयोजित
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, June 17
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»नाहन नगर परिषद ने शुरू किया पेड़ लगाओ अभियान
    सिरमौर

    नाहन नगर परिषद ने शुरू किया पेड़ लगाओ अभियान

    By Himachal VartaOctober 21, 2023
    Facebook WhatsApp

    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज)(एसपी जैरथ):- विरासतों का शहर माने जाने वाले नाहन में ऐतिहासिक धरोहर का विषय सुरक्षित नजर नहीं आता है। शहर का प्रवेश द्वार माने जाने वाले लिंटन मेमोरियल जिसे दिल्ली गेट भी कहा जाता है उस पर पेड़-पौधे उग आए हैं। अब यह पेड़-पौधे नगर परिषद ने उगाएं हैं या खुद-ब-खुद उग आए हैं यह तो कहा नहीं जा सकता। मगर नगर व्यवस्था का जिम्मा उठाने वाली नाहन नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल या निशान जरूर लग जाता है। दिल्ली गेट की घड़ी के नीचे मुख्य दीवार पर हरा-भरा बड़ का पेड़ पनप रहा है।माना जाता है की बड़ के पेड़ की जड़े मजबूत से मजबूत इमारत को भी हिलाकर रख देती है। ऐसे में तेजी से पनप रहे इस बड़ के पेड़ की जड़े इस विरासत को कब जीरण-शीराण कर दें यह भी कहा नहीं जा सकता। अच्छी बात तो यह है कि दिल्ली गेट की घड़ियां कम से कम समय तो सही बता रही हैं। मगर इस ऐतिहासिक धरोहर की जो सबसे बड़ी खासियत थी इसके घंटे की आवाज, कई दशक बीत जाने के बाद भी बंद पड़ी है।बताया जाता है कि दिल्ली गेट में हर घंटे के बाद बजने वाले घंटे की आवाज कच्चा टैंक, बस स्टैंड तक सुनाई देती थी। मगर आज यह आवाज भी केवल इतिहास बनकर रह गई है। घंटाघर के अंदर आवाज करने वाली घंटियां भी लगी है या गायब हो गई है इसके बारे में कहा नहीं जा सकता। बता दें कि प्रदेश में जहां-जहां अंग्रेजों के समय के बने हुए घंटाघर हैं उनमें से अधिकतर सभी आवाज भी करते हैं।उधर, नाहन पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय तोमर का कहना है कि लिंटन मेमोरियल पर कोई पेड़ उग आया है तो इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। मगर उन्होंने यह भी कहा है कि वह जल्द ही सफाई निरीक्षकों को इसकी जांच के आदेश देकर मेमोरियल पर उगे पेड़ को हटवाएंगे। वही घंटाघर की आवाज को लेकर उन्होंने कहा है कि जब से मैंने कार्यभार संभाला है मैंने इसकी आवाज नहीं सुनी है।उन्होंने यह भी कहा कि घंटाघर की आवाज को लेकर उन्होंने बहुत से प्रयास किए है। मगर समय के अनुसार इसमें लगी बैल्स बजनी शुरू हो जाए, इसको लेकर उन्हें कोई मैकेनिक नहीं मिल पाया है। यही नहीं सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यदि आपकी जानकारी में कोई मिस्त्री या मैकेनिक हो तो हमें जरूर बताएं।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • कसौली विधानसभा क्षेत्र में लगभग 225 करोड़ रुपए की सिंचाई व पेयजल योजनाएं का कार्य प्रगति पर – मुकेश अग्निहोत्री
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज का एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक – अजय यादव
    • चार दिन के लिए नाहन में सजा आभूषणों का भव्य संसार
    • सिरमौर जिला में पूरा हुआ गेहूं खरीद का कार्य, किसानों से खरीदा गया 19777 क्विंटल गेहूँ
    • हमारी संस्कृति ही हमारी वास्तविक धरोहर – संजय अवस्थी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.