Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • हिमाचल की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजें युवा : राज्यपाल
    • रणबीर सिंह ने डीसी के समक्ष उठाए पंचायत विकास से जुड़े अहम मुद्दे
    • अंतर्राष्ट्रीय बधिर जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत जागरूकता शिविर आयोजित
    • सोलन में 8 सितंबर को वन स्टॉप सेंटर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा आयोजित
    • सिरमौर में भारी बारिश के कारण नैहली के पास नाहन-ददाहू मार्ग पूरी तरह बंद
    • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: अंधकार में आशा और कर्म का संदेश
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Thursday, September 3
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»रेणुका मेले में हुई पारम्परिक बुड़ाह लोकनृत्य की प्रतियोगितायें
    सिरमौर

    रेणुका मेले में हुई पारम्परिक बुड़ाह लोकनृत्य की प्रतियोगितायें

    By Himachal VartaNovember 24, 2023
    Facebook WhatsApp
    श्री रेणुका जी ( हिमाचल वार्ता न्यूज) अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले के तीसरे दिन आज शुक्रवार को सिरमौर जिला की पारंपरिक बुड़़ाह लोक नृत्य प्रतियोगिता के द्वारा सिरमौरी संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली है। रेणु मंच पर जिला सिरमौर के विभिन्न लोक कलाकारों से सुसज्जित दलों ने बुड़ाह पारंपरिक लोक नृत्य के साथ वाद्य यंत्रों की धुन से लोगों को मंत्रमुग्ध किया और अपनी-अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।    बुड़ाह दल प्रतियोगिता में शिरगुल कला मंच घाटों, बुडाह लोकनृत्य दल सैंज, पारंपरिक लोक नृत्य हानत, गोगा वीर सांस्कृतिक कला मंच पखवान गणोग, गुगा महाराज बुढ़ियात सांस्कृतिक क्लब क्यारका, बुडाह दल ऊंचा टिक्कर के कलाकारों ने प्रतियोगिता में भाग लिया।   इस प्रतियोगिता में  बुडाह  लोक नृत्य दल सैंज तथा  बुडाह नृत्य दल ऊंचा टिक्कर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहे। इसी प्रकार द्वितीय स्थान पर पारंपरिक बुडाह लोकनृत्य दल घाटों रहा। प्रथम तथा द्वितीय स्थान पर रहे विजेताओं को रेणुका विकास बोर्ड द्वारा नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।उल्लेखनीय है कि सिरमौर जिला कि सांस्कृतिक विरासत को लोक संगीत से ही जाना और समझा जा सकता है। बुडाह नृत्य जिला सिरमौर में दीवाली के पर्व पर अमावस्या से भैया दूज तक किया जाता है। इस नृत्य के आरम्भ में इसके इतिहास को भी गाया जाता है। जिसके अनुसार बुडाह नृत्य को पाण्डवों ने श्री कृष्ण के परामर्श से आयोजित किया था।    इस नृत्य के मंचन के समय ऐतिहासिक वीरगाथायें, युद्ध गाथायें व हारुलों का गायन किया जाता है। इस पाम्परिक नृत्य का मुख्य आकर्षण इसकी पोशाक, आभुषण, डांगरा के अलावा लोक वाद्य यंत्र जैसे बाँसुरी, हुडक थाली दमामु/दमान्टु आदी हैं। रेणुका विकास बोर्ड के अध्यक्ष और उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा और उनकी टीम द्वारा अंतराष्टीय रेणुका जी मेले के अवसर पर सांस्कृतिक विरासत को संजोय इस प्रकार के लोक नृत्यों का मंचन करवाने का निर्णय अत्यंत प्रशंसनीय है। इसके मंचन से युवा पीढ़ी को अपने प्राचीन संस्कृति की झलक को करीबी से देखने का सौभाग्य मिलता है।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • हिमाचल की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजें युवा : राज्यपाल
    • रणबीर सिंह ने डीसी के समक्ष उठाए पंचायत विकास से जुड़े अहम मुद्दे
    • अंतर्राष्ट्रीय बधिर जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत जागरूकता शिविर आयोजित
    • सोलन में 8 सितंबर को वन स्टॉप सेंटर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा आयोजित
    • सिरमौर में भारी बारिश के कारण नैहली के पास नाहन-ददाहू मार्ग पूरी तरह बंद
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.