राजगढ़ ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):– 20वीं सदी के महान तपस्वी, राजयोगी, पूर्ण ब्रह्म ज्ञानी, विद्यादानी संत बाबा अतर सिंह मस्तुआना साहिब और गुरुमुख प्यारे संत तेजा सिंह के सेवक, कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब के पूर्व अध्यक्ष, शिरोमणि पंथ रत्न, पदम श्री सचखंड निवासी संत बाबा इकबाल सिंह की पूण्य स्मृति को समर्पित दूसरा वार्षिक तीन-दिवसीय महान गुरमति समागम आज तपो-भूमि गुरुद्वारा बड़ू साहिब में समाप्त हो गया।इस महान गुरमति समागम में पंथ-प्रसिद्ध कीर्तनी जत्थों ने भाग लिया। इस अवसर पर भाई भूपिंदर सिंह (हजूरी रागी श्री दरबार साहिब अमृतसर), अनाहद बाणी तंती साज जत्था (गुरुद्वारा बड़ू साहिब) और अकाल अकादमी बड़ू साहिब के छात्रों ने 27 जनवरी को शब्द कीर्तन किया। सिंह साहिब ज्ञानी सुल्तान सिंह (जत्थेदार तख्त केशगढ़ साहिब, आनंदपुर साहिब), सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह (जत्थेदार तख्त दमदमा साहिब, तलवंडी साबो), भाई भूपिंदर सिंह (हजूरी रागी दरबार साहिब अमृतसर), संत बाबा धर्मवीर सिंह (घरांगने वाले), भाई साहिब भाई गुरप्रीत सिंह जी चंडीगढ़ वाले, अनाहद बाणी तंती साज जत्था (गुरुद्वारा बड़ू साहिब) और अकाल अकादमी बड़ू साहिब के छात्रों ने शब्द -कीर्तन किया और अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम के अंतिम दिन 29 जनवरी को भाई भूपिंदर सिंह (हजूरी रागी दरबार साहिब अमृतसर), डॉ. बाबा अनहदराज सिंह (गुरुद्वारा नानकसर साहिब, नानकसर संप्रदाय, समराला चौक लुधियाना), संत बाबा धर्मवीर सिंह (घरांगने वाले), भाई साहिब भाई गुरप्रीत सिंह चंडीगढ़ वाले, अनाहद बाणी तंती साज जत्था (गुरुद्वारा बड़ू साहिब) और अकाल अकादमी बड़ू साहिब के विद्यार्थियों ने शब्द-कीर्तन और पंथ-प्रसिद्ध हस्तियों ने संगत के साथ अपने विचार साझा किए।सिंह साहिब ज्ञानी सुल्तान सिंह (जत्थेदार तख्त केशगढ़ साहिब, आनंदपुर साहिब) ने कहा कि “संत बाबा इकबाल सिंह जी की अवधारणा बच्चों को गुरसिखी से जोड़ने की थी, जहां उन्हें सांसारिक शिक्षा के साथ-साथ गुरमत का वाहक बनना है। दुनिया में गुरु साहिबों द्वारा दी गई शिक्षाओं को ग्रहण करें और इसे पूरी दुनिया में प्रचारित करें। पंजाब को आज और आने वाले समय में गुरसिख अधिकारियों की बहुत जरूरत है।ऐसा लगता है कि कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब वाले महापुरुष इसमें बहुत योगदान दे रहे हैं। इसी प्रकार सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह (जत्थेदार तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो) ने कहा कि “ज्ञान मनुष्य की बहुत बड़ी आवश्यकता है। ज्ञान जीवन के लिए बहुत उपयोगी है।संत बाबा इकबाल सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में महान कार्य किए हैं और बहुमूल्य सेवाएँ प्रदान की हैं। कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब के अध्यक्ष डाॅ. दविंदर सिंह और उपाध्यक्ष भाई जगजीत सिंह ने संगत के साथ गुरमत बचन साझा किया और समागम में आए सिंह साहिबों और कीर्तनियों, कथावाचकों और दुनिया भर से संगत को उनकी उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया।
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Tuesday, June 16
