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    सिरमौर

    अघोरेश्वर नाथ मंदिर में हर कष्ट से मुक्ति मिलती है

    By Himachal VartaSeptember 19, 2025
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    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):-जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन की तलहटी में नौणी का बाग़ से ठीक पहले नाहन -पांवटा साहिब -कालाअम्ब रोड़ पर अतिप्राचीन श्री अघोरेश्वर महादेव मंदिर स्थित है । बिल्व वृक्ष के नीचे स्थित होने के कारण इस मंदिर तथा शिव लिंग का महत्व बहुत अधिक है। शिव महापुराण में इसका विशेष उल्लेख किया गया है। मंदिर परिसर में  श्री संकटमोचन मंदिर तथा भगवान दत्तात्रेय जी का मन्दिर  भी स्थापित किया गया है जो भक्तजनों को हर कष्ट से मुक्ति दिलाते हैं। यहां पर प्रायः हर सोमवार को भक्तों द्वारा शिव लिंग को जलाभिषेक कराया जाता है परन्तु श्रावण मास तथा शिवरात्रि व्रत पर यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। समय-समय पर इस मन्दिर में श्री मद्भागवत सप्ताह तथा श्री रामचरित मानस कथा का आयोजन भी किया जाता है जिसमें स्थानीय तथा दूर-दूर के श्रद्धालु बढ़ चढ़ कर भाग लेते हैं। इतिहासकार बताते हैं कि इस मंदिर का इतिहास लगभग सौ वर्ष पुराना है।   इस मन्दिर में पहले सिद्ध श्री लाल गिरि जी महाराज हुए हैं जो श्री पंचदश नाम जूना अखाड़ा के शैवमार्गी शाखा से जुड़े थे ।उन्होंने यहां बिल्व वृक्ष के नीचे अखण्ड चेतन धूना लगाकर शिव के अघोर रूप की सिद्धियां प्राप्त की तथा उनकी तपस्या के फलस्वरूप भोलेनाथ यहां अघोरेश्वर रूप में स्थित हैं। उनका तपस्या काल 1940-1964  तक रहा तथा इस समय अवधि में उन्होंने यहां कई चमत्कार दिखाए जो जनमानस में विख्यात है। उन्होंने स्वयं यहां माता महाकाली तथा बाबा बालक नाथ जी की मूर्तियां निर्मित की।सन् 1964 में ब्रह्मलीन होने पर यहीं उन्हें समाधि दी गई। उनके आठवें उत्तराधिकारी स्वामी शिवदत्त गिरि जी वर्तमान में यहां का व्यवस्था संचालन देख रहे हैं जिन्होंने इस स्थान की ख्याति को चहुंओर फैलाया है। उनके शिष्य नागा संत स्वामी हरि ओम गिरी जी बताते हैं कि यह उत्तर भारत का एक मात्र अघोरी स्थान है जहां दूर-दूर से अघोर साधना करने समय समय पर श्रद्धालु तथा संत आते हैं। भगवान अघोरेश्वर यहां आने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण करते हैं
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