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    सिरमौर

    सिरमौर के गिरिपार में सात दिन का दिवाली महाउत्सव

    By Himachal VartaOctober 23, 2025
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    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):गिरिपार में दीपावली का महोत्सव अमावस्या से शुरू होकर छठी तक चलता है। इस अवधि में अमावस्या, पढ़ोई, दूज, तीज, चौथ, पंचमी और छठी तक हर दिन पारंपरिक रीतियों और पकवानों की खुशबू से गांव महक उठते हैं। दूर-दूर से आए मेहमानों का स्वागत आतिथ्य की परंपरा के साथ किया जाता है गोवर्धन पूजा में बैलों और औजारों की होती है।               विशेष आराधना
    यहां दीपावली सप्ताह का सबसे खास दिन गोवर्धन पूजा होती है। किसान अपने बैलों और खेती के औजारों जैसे हल, जूण, मोईयट और मुगरा की पूजा करते हैं। पूजा में धूप, दीप, अखरोट और मुड़ा का प्रयोग होता है, जबकि बैलों को धरोटी, भात, पटांडा, असकली, सिडकू, तेलपाक्की और लुशके जैसे स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन खिलाए जाते हैं।

    अमावस्या और पढ़ोई के दिन विशेष रूप से कंजन नामक व्यंजन तैयार किया जाता है। यह चावल को लस्सी के साथ उबालकर बनाई जाने वाली खीर जैसी डिश होती है, जिसे केले के पत्तों में पकाया जाता है। परंपरा के अनुसार मेहमानों को गुड़ और घी के साथ कंजन खिलाना शुभ माना जाता है।

    संस्कृति और परंपरा की अद्भुत मिसाल
    सिरमौर का यह सात दिवसीय उत्सव आधुनिकता के दौर में भी ग्रामीण संस्कृति की गहराई को दर्शाता है। यहां प्रकृति, पशुधन और मेहमानों के प्रति सम्मान इस पर्व की आत्मा है, जो सामुदायिक एकता और परंपरा की निरंतरता का प्रतीक है।

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