Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    • घुमारवीं में रेशम पालन लाभार्थियों के लिए फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट आयोजित
    • पंचायत चुनाव परिणाम से सहमे सुक्खू, खुद के लिए खोज रहे सुरक्षित सीट : जयराम ठाकुर
    • विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    • जयराम ठाकुर ने पांवटा में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
    • एसडीवीएच पांवटा साहिब में विश्व रेबीज दिवस 2026 का आयोजन
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Tuesday, September 29
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»कुल्लू»पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी एण्ड पीएनडीटी) अधिनियम,
    कुल्लू

    पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी एण्ड पीएनडीटी) अधिनियम,

    By Himachal VartaOctober 30, 2025
    Facebook WhatsApp
    कुल्लू  ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ):-    1994 कन्या भ्रूण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए पारित किया गया है. इस अधिनियम से प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण पर प्रतिबंध है. प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक ‘पीएनडीटी’ एक्ट 1996, के तहत जन्म से पूर्व शिशु के लिंग की जांच पर पाबंदी है। अल्ट्रासाउंड या अल्ट्रासोनोग्राफी कराने वाले जोड़े या करने वाले डाक्टर, लैब कर्मी को तीन से पांच साल सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
    यह बात वीरवार को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पीसी एण्ड पीएनडीटी अधिनियम के तहत आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में सीएमओ कुल्लू डॉ. नागराज पंवार ने दी।
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिला के निजी स्वास्थ्य संस्थानों और क्लीनिक में अल्ट्रासाउण्ड मशीनों पर हर समय कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि गर्भ में पल रहे लिंग का पता लगाने के लिए इनका उपयोग न हो सके।
    बैठक में नई अल्ट्रासाउंड मशीनों की स्थापना के लिए आए आवेदन पर भी चर्चा की गई।
    बैठक में जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम, सहायक न्यायवादी ओमेंदर कुमार सहित अन्य सरकारी, गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    • घुमारवीं में रेशम पालन लाभार्थियों के लिए फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट आयोजित
    • पंचायत चुनाव परिणाम से सहमे सुक्खू, खुद के लिए खोज रहे सुरक्षित सीट : जयराम ठाकुर
    • विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    • जयराम ठाकुर ने पांवटा में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.