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    Home»हिमाचल प्रदेश»मंडी»मंडी में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चार माह का सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
    मंडी

    मंडी में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चार माह का सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

    By Himachal VartaNovember 6, 2025
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    मंडी ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ):-   हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण–II) के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास और आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खंड परियोजना प्रबंधन इकाई मंडी द्वारा चार माह का सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ किया गया है। प्रशिक्षण एंजल आई संस्थान नेरचौक में संचालित किया जा रहा है, जहां परिधान निर्माण, डिजाइनिंग और कढ़ाई जैसी आधुनिक तकनीकें सिखाई जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आधुनिक सिलाई तकनीक और व्यावहारिक कौशल सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
    कार्यक्रम का शुभारंभ बल्ह की एसडीएम स्मृतिका नेगी ने किया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण में पूरे समर्पण के साथ भाग लें और सीखी गई तकनीकों को स्वरोजगार के अवसरों में परिवर्तित करें। उन्होंने कहा कि सिलाई कार्य को महिलाएं एक छोटे उद्योग के रूप में विकसित कर स्थायी आय का माध्यम बना सकती हैं।
    जिला परियोजना प्रबंधन इकाई मंडी के डॉ. हेमराज शर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण साढ़े चार माह की अवधि का होगा, जिसमें प्रत्येक प्रतिभागी महिला को तीन हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जाएगा। संपूर्ण व्यय हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक कदम है।
    खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. राजेश ने बताया कि कसारला उठाऊ सिंचाई योजना, झाझर नाला से जरल रोपा, सियां री कूहल, कंसा खड्ड से गनेहर रोपा और गमोलती खड्ड से रथोल क्षेत्रों की 20 महिलाओं को इस प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है।
    इस अवसर पर एसएमएस डॉ. खूब राम, कृषि विकास अधिकारी हंस राज वालिया और कृषि विशेषज्ञ अमित कुमार भी उपस्थित रहे।
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