Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • नाहन की मुख्य पेयजल योजना की पाइपलाइन फटी, शहर की जलापूर्ति पर संकट के बादल
    • सिद्धपीठ कालीस्थान मंदिर नाहन में अष्टमी को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
    • ग्रामीण आर्थिकी की मज़बूती में प्रदेश का सम्पूर्ण विकास निहित- संजय अवस्थी
    • प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
    • पहाड़ों की कीमत पर विकास मंजूर नहीं, खनन में जवाबझदेही तय करे सरकार : पूर्व ‌मेजर जनरल अतुल कौशिक
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, October 18
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»मंडी»बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पर जागरूकता हेतु कार्यशाला का आयोजन
    मंडी

    बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पर जागरूकता हेतु कार्यशाला का आयोजन

    By Himachal VartaNovember 28, 2025
    Facebook WhatsApp
    मंडी  ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ):-   ज़िला बाल संरक्षण इकाई मण्डी द्वारा बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया को समझाने बारे एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों और स्वयं सेवी संस्थानों के करीब 50 सक्रिय सदस्यों ने हिस्सा लिया।
    कार्यशाला में जिला बाल संरक्षण अधिकारी एन. आर. ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा दतक ग्रहण अधिनियम 2022 को सरल एवं पारदर्शी बनाया गया है। इसके अंतर्गत कोई भी दंपति, एकल महिला या पुरुष बच्चा गोद ले सकता है। दतक ग्रहण की प्रक्रिया की शुरुआत सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स ऑथोरिटी की वेबसाइट से ऑनलाइन होती है। इसके अलावा नजदीक लोक मित्र केंद्र, साइबर कैफे या ज़िला बाल संरक्षण अधिकारी के कार्यालय में जाकर भी आवेदन कर सकेंगे। ठाकुर ने कहा कि इसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, मेडिकल फिटनेस, जन्म प्रमाण पत्र व पासपोर्ट साइज फोटो जैसे आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा करवाने होते हैं।
    उन्होंने कहा कि लोगों को बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया की सही और सटीक जानकारी न होने से कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसीलिए इस बारे जनमानस को जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2030 तक “बाल विवाह मुक्त भारत” के लिए मंडी जिला का भी योगदान हो सके।
    इस अवसर पर सरंक्षण अधिकारी शैलजा अवस्थी ने प्रतिभागियों को दतक ग्रहण अधिनियम, बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया, योग्यता और सही मानदंडों बारे जानकारी दी। विधिक एवं प्रोबेशन अधिकारी रमा कुमारी ने बाल विवाह अधिनियम और दुष्परिणामों बारे चर्चा की। बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन तृप्ता ठाकुर ने प्रतिभागियों को बाल विवाह के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने की शपथ दिलाई।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • नाहन की मुख्य पेयजल योजना की पाइपलाइन फटी, शहर की जलापूर्ति पर संकट के बादल
    • सिद्धपीठ कालीस्थान मंदिर नाहन में अष्टमी को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
    • ग्रामीण आर्थिकी की मज़बूती में प्रदेश का सम्पूर्ण विकास निहित- संजय अवस्थी
    • प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.