Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    • घुमारवीं में रेशम पालन लाभार्थियों के लिए फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट आयोजित
    • पंचायत चुनाव परिणाम से सहमे सुक्खू, खुद के लिए खोज रहे सुरक्षित सीट : जयराम ठाकुर
    • विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    • जयराम ठाकुर ने पांवटा में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
    • एसडीवीएच पांवटा साहिब में विश्व रेबीज दिवस 2026 का आयोजन
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Monday, September 28
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन में कला एकीकरण पर एकदिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम सम्पन्न
    सिरमौर

    अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन में कला एकीकरण पर एकदिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम सम्पन्न

    By Himachal VartaDecember 8, 2025
    Facebook WhatsApp
    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज)अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन में शिक्षकों की रचनात्मक एवं प्रभावी शिक्षण क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कला एकीकरण पर आधारित एकदिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन व सरस्वती वंदना के साथ गरिमामयी वातावरण में हुआ। इस प्रशिक्षण में अम्बाला तथा प्रदेश के 26 शिक्षकों , व विद्यालय के शिक्षकों सहित कुल 60 शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
    प्रशिक्षण की शुरुआत विद्यालय की निदेशक एवं प्रधानाचार्या श्रीमती देविंदर साहनी द्वारा औपचारिक स्वागत से हुई। जिसमें पुष्प गुच्छ व उपहार प्रदान किए गए।
    उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि कला एकीकरण शिक्षण को ज्ञानार्जन की पारंपरिक सीमाओं से आगे ले जाकर विद्यार्थियों के हृदय, मस्तिष्क और संवेदनशीलता—तीनों को जोड़ता है। यह पद्धति विद्यार्थियों में आत्म-अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच का समन्वित विकास करती है।
    कार्यक्रम में दो अनुभवी रिसोर्स पर्सन—
    श्रीमती पूनम आनंद, वरिष्ठ सामाजिक विज्ञान अध्यापिका, आर्मी पब्लिक स्कूल चंडीमंदिर, एवं सुश्री पूजा बत्रा, प्राचार्या, सेंट लॉरेन्स इंटरनेशनल स्कूल, जगाधरी तथा सीबीएसई प्रमाणित प्रशिक्षक—ने अपने ज्ञान और अनुभव से शिक्षकों को समृद्ध किया। श्रीमती पूनम आनंद ने कला एकीकरण को विषय की गहन समझ विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताते हुए अभिनय, भूमिका-निर्वहन, परिकल्पना-चित्रण तथा माइंड मैप निर्माण जैसी तकनीकों के उदाहरण प्रस्तुत किए। सुश्री पूजा बत्रा ने समझाया कि कला आधारित गतिविधियाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा, सहभागिता और प्रस्तुति कौशल को अत्यधिक बढ़ाती हैं तथा जटिल सिद्धांतों को भी सरल रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
    सत्र के दौरान शिक्षकों ने पोस्टर निर्माण, माइंड मैप, रोल-प्ले, कला-आधारित मॉडल, समूह-गतिविधियाँ एवं स्थानीय लोक–कलाओं के प्रयोग जैसी गतिविधियों में सक्रिय भाग लिया। इन अभ्यासों ने यह अनुभव कराया कि कला कक्षा-कक्ष को अधिक आकर्षक, जीवंत और सहभागितापूर्ण बनाती है।
    विद्यालय के चेयरमैन श्री अनिल जैन तथा महासचिव श्री सचिन जैन ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि सभी शिक्षकों को जीवन भर सीखने वाला बनने के लिए बधाई दी है, जो 21वीं सदी के ऐसे ग्लोबल नागरिक तैयार कर रहें हैं जो कई तरह की बुद्धिमत्ता हासिल करके जीवन के हर क्षेत्र में सफल होंगे।
    कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक और व्यवहारिक बताया तथा अपने शिक्षण में कला एकीकरण को अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    • घुमारवीं में रेशम पालन लाभार्थियों के लिए फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट आयोजित
    • पंचायत चुनाव परिणाम से सहमे सुक्खू, खुद के लिए खोज रहे सुरक्षित सीट : जयराम ठाकुर
    • विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    • जयराम ठाकुर ने पांवटा में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.