नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):- सिरमौर जिला भाजपा प्रवक्ता मेलाराम शर्मा ने प्रदेश सरकार के उस आदेश को तुगलकी फरमान करार दिया है जिसमें ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों के कामकाज के लिए अब ग्राम पंचायत प्रधानों पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों की जगह एडमिनिस्ट्रेटर लगाए गए हैं। जिला प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश की लगभग 3600 ग्राम पंचायतों में 1 फरवरी से एडमिनिस्ट्रेटर लगा दिए गए हैं और प्रदेश के इतिहास में पहली बार पंचायती राज व्यवस्था पूरे तरीके से सरकारी नुमाइंदों के हवाले कर दी गई है। मेलाराम शर्मा ने कहा कि पंचायत प्रधान की मोहरे किसी काम की नहीं रह गई है। उनके दस्तखत के कोई मायने नहीं है और पंचायती राज व्यवस्था अब बिना चुने हुए नुमाइंदों के प्रभावहीन हो गई है। उन्होंने कहा कि अब 30000 से ज्यादा चुने हुए जनप्रतिनिधि प्रभावहीन हो चुके हैं। शर्मा ने बताया कि प्रदेश के लाखों की आबादी बिना किसी स्थानीय जनप्रतिनिधि के सरकार द्वारा जबरन थोपे गए एडमिनिस्ट्रेटर के हवाले कर दी गई है। मेलाराम शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम को लेकर प्रदेश भर में घूम–घूम कर अनशन करने वाली सरकार ने पंचायती राज और ग्राम स्वराज के उस सपने का गला घोट दिया हैं जिसे स्वयं महात्मा गांधी ने देखा था। उन्होंने सुख सरकार पर आरोप लगाया की यह इस प्रकार के न सिर्फ दोहरे मानदंडों को दर्शाता है बल्कि जनहित और जन सरोकारों से दूर होती सुक्खू सरकार की हकीकत भी देश के सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता मुख्यमंत्री का यह रवैया देखकर बीते 6 माह से कह रहे है कि सरकार पंचायत चुनाव में देरी कर रही है लेकिन मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री और पूरी सरकार के लोग हमेशा ही चुनाव को समय पर करवाने का आश्वासन देते रहे।
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Monday, September 28
