बिलासपुर ( हिमाचल वार्ता न्यूज): नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली बार तहसील और उप-तहसील स्तर पर विशेष राजस्व लोक अदालतों का आयोजन कर प्रदेश भर में दिसंबर, 2025 तक लगभग 4.62 लाख राजस्व मामलों का निपटारा किया है। राजेश धर्माणी ने आज लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह घुमारवीं में जन समस्याएं सुनने के दौरान यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की इस पहल से प्रदेश के भूमि मालिकों को बड़ी राहत मिली है तथा वर्षों से लंबित मामलों का समय पर समाधान सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि इन विशेष राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से प्रदेश स्तर पर अक्तूबर, 2023 से दिसंबर, 2025 तक लगभग 3.85 लाख इंतकाल, 24 हजार तकसीम, 42 हजार निशानदेही तथा लगभग 12 हजार राजस्व त्रुटियों के मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इसी तरह जिला बिलासपुर में भी इसी अवधि के दौरान 18 हजार 684 इंतकाल, 1 हजार 235 तकसीम, 2 हजार 190 निशानदेही तथा 478 राजस्व दुरुस्ती मामलों का निपटारा किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालत प्रत्येक माह के आखिरी दो दिन तहसील और उप-तहसील स्तर पर आयोजित की जा रही हैं, जिससे लोगों को राजस्व संबंधी मामलों के निपटारे में सुविधा मिल रही है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है। जनसमस्याओं का घर-द्वार निपटारा सुनिश्चित बनाने को प्रदेश सरकार द्वारा ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में न केवल जन समस्याओं को सुना जाता है बल्कि समयबद्ध निपटारे को प्राथमिकता दी जा रही है। इस मौके पर उन्होंने जन समस्याएं सुनीं तथा अधिकांश का मौके पर निपटारा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये।
