Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    • घुमारवीं में रेशम पालन लाभार्थियों के लिए फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट आयोजित
    • पंचायत चुनाव परिणाम से सहमे सुक्खू, खुद के लिए खोज रहे सुरक्षित सीट : जयराम ठाकुर
    • विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    • जयराम ठाकुर ने पांवटा में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
    • एसडीवीएच पांवटा साहिब में विश्व रेबीज दिवस 2026 का आयोजन
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Monday, September 28
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»नाहन चौगान की दुर्दशा के पीछे नगर परिषद की पैसा कमाने की प्रवृत्ति
    सिरमौर

    नाहन चौगान की दुर्दशा के पीछे नगर परिषद की पैसा कमाने की प्रवृत्ति

    By Himachal VartaMarch 8, 2026
    Facebook WhatsApp

    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज)  ( एसपी जैरथ) :– कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन, पुकार रहा है ऐतिहासिक चौगान.  रियासत काल में आन बान शान का प्रतीक रहा ऐतिहासिक चौगान अब लंबे अरसे से अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहा है।

    चौगान की लगातार हो बर्बादी काएक बड़ा कारण, 20 सालों से चुन कर आए कांग्रेस- भाजपा के पार्षदों की नगर परिषद के लिए आमदनी बढ़ाने की सोच रही है।

    चौगान आज नगर परिषद के लिए इसी सोच के कारण कमाऊ पूत बन गया है। किराये नाम पर सालाना। लाखों रुपए वसूले जा रहे हैं। अनदेखी के चलते रखरखाव जीरो हो कर रह गया है।

    ऐसे में चौगान का प्रमुख गेट अक्सर खुला रहता है। क्योंकि आये दिन कोई न कोई कार्यक्रम चलता रहता है। नगर परिषद में किराए की पर्ची कट जाती है। गेट कब कौन करेगा यह किसी की जिम्मेदारी तय नहीं है और न किसी की जवाबदेही।

    यही वजह है गेट बंद होता ही नहीं है। सुबह से चौगान में आवारा पशुओं को जमावड़ा लगना शुरु हो जाता है। दिन चढ़ते अवैध पार्किंग शुरु हो जाती है। खिलाडी भी अपना दम दिखाते हुए नजर आते हैं लेकिन देर शाम फिर यही चौगान ड्राइविंग स्कुल बन जाता है।

    ऐतिहासिक चौगान के गौरव, इसकी गरिमा को बरकरार रखने के लिए, मिटते वजूद को बचाने के लिए यह जरूरी है कि सभी किस्म के व्यवसायिक कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाए। ऐसे सभी किस्म के कार्यक्रम चम्बा वाला ग्राउंड में कराए जाने चाहिए। क्योंकि चम्बा वाला ग्राउंड वैसे भी सालों से विवाह समारोहों के किराये पर उपलब्ध हो रहा है।

    नगर परिषद को अब चौगान को लेकर अपनी पैसा कमाने की प्रवृत्ति को बदलना चाहिए। यहां केवल राष्ट्रीय पर्वो का आयोजन होना चाहिए जैसा कि रियासत के जमाने से होता आया है ।

    शाही दौर में चौगान के वैभव को देख चुके कई पुराने लोगों का कहना है कि दशकों से यहां के सियासी आकाओं ने चौगान को लेकर कोई बड़ी योजना नहीं बनाई, ये सभी नेता यहां कार्यक्रमों में आकर सम्मनित होते हैं ।

    लेकिन चौगान को लेकर महज झूठ बोलने के इलावा कुछ नही करते। यही नहीं खेलने के लिए चौगान की अक्सर दुहाई देने वाले शहर के खिलाड़ी भी एकजुट होकर इन वोट  बटोरने वाले नेताओं पर दबाव बनाने में आज तक सफल नहीं हो सके।

    एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने बताया कि ऐतिहासिक चौगान का किसी भी तरह से दुरपयोग नही होने दिया जायेगा। 26 जनवरी को प्रवेश द्वार के तोड़े गए एक गेट की मुरम्मत करके मैन गेट पर ताला लगा दिया गया है। नप प्रशासन को नियमित ताला लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मैदान का दुरुपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस एक्शन लिया जायेगा।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    • घुमारवीं में रेशम पालन लाभार्थियों के लिए फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट आयोजित
    • पंचायत चुनाव परिणाम से सहमे सुक्खू, खुद के लिए खोज रहे सुरक्षित सीट : जयराम ठाकुर
    • विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    • जयराम ठाकुर ने पांवटा में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.