नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):– हाल ही में हुई बारिश और आसमान में बिजली की गर्जन होने से राजगढ़ ब्लॉक के ऊंचाई वाले क्षेत्रों पझौता व रासूमांदर के जंगलों में गुच्छी उगनी आरंभ हो गई है । घर का सारा कार्य छोड़ लोग इन दिनों जंगलों में गुच्छी की तलाश कर रहे हैं । गौर रहे कि गुच्छी दुनिया की सबसे मंहगी सब्जी है और प्रकृति की एक अनुपम देन है जोकि प्रकृति के स्पर्श से उगती है । इसका वैज्ञानिक नाम मार्किला एस्क्यूपलैंटा है । प्रदेश के सिरमौर के अतिरिक्त शिमला, चंबा और मनाली के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गुच्छियां अधिक मात्रा में पाई जाती है जिसे स्थानीय भाषा में चेंऊ, रोंटू, छतरी, चटमोर और डूंगरू के नाम से पुकारा जाता है ं । गुच्छी मशरूम के उगने का उचित समय मार्च से मई तक माना जाता है । बारिश से पहले कड़कती आसमानी बिजली की तेज किरणों और बादलों के गड़गड़ाहट होने से गुच्छी जंगलों में स्वतः ही उगती है । सबसे अहम बात यह है कि गुच्छी बिना खाद व बीज के ही उगती है । कृषि विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र तल से 1500 से 3500 मीटर की ऊंचाई तक गुच्छी पाई जाती है । जिसके लिए 14 से 17 डिग्री सेलसियम तापमान की आवश्यकता रहती है । बता दें कि खुले बाजार में गुंच्छी की कीमत 30 से 35 हजार प्रतिकिलोग्राम बताई जाती है । भारत के अलावा अमेरिका, यूरोप, इटली इत्यादि देशों में इसकी बहुत डिमांड रहती है । अनेक लोगों का गुच्छी एकत्रित करना एक अतिरिक्त आय का साधन बन गया है ।पझौता क्षेत्र के लोगों ने बताया कि गुच्छी के उगने का उचित समय हर वर्ष फाल्गुन से बैशाख माह माना जाता है । आग से झुलसे हुए जंगल, नमी और घास के बीच में गुच्छी मशरूम अधिक उगती हैं ।
Breakng
- चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
- शिवानी की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला परिषद की बैठक
- वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
- सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
- 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
- सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
Wednesday, July 22
