Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    • सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    • राज्यपाल ने जेयूआईटी के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, July 22
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»राजगढ़ में धूमधाम से मनाई परशुराम जयंती -किया हवन यज्ञ
    सिरमौर

    राजगढ़ में धूमधाम से मनाई परशुराम जयंती -किया हवन यज्ञ

    By Himachal VartaApril 19, 2026
    Facebook WhatsApp
    नाहन  ( हिमाचल वार्ता न्यूज):-श्री ब्राह्मण सभा की राजगढ़ इकाई के सौजन्य से रविवार को शिरगुल देवता के मंदिर परिसर   में भगवान परशुराम की जंयती धूमधाम से मनाई गई । इस मौके पर भगवान परशुराम, माता श्रीरेणुकाजी और जमदग्नि ऋषि के चित्र पर लोगों ने  फूलमालाएं अर्पित की गई तथा मंदिर परिसर में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया । इस मौके पर लोगों में प्रसाद वितरित किया गया श्री ब्राह्मण सभा की राजगढ़ इकाई के अध्यक्ष हरदेव भारद्वाज ने लोगों को परंशुराम जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार भगवान परशुराम का जन्म वैशाख मास की शुक्ल तृतीया के रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इनके पिता महर्षि जगदग्नि ने पुत्र प्राप्ति के लिए महायज्ञ किया था जिससे प्रसन्न होकर देवराज इन्द्र ने महर्षि जगदग्नि एवं श्रीरेणुका का तेजस्वी पुत्र का वरदान दिया था। भगवान परशुराम को एक महान योद्धा के रूप में जाना जाता है। परशुराम ने 21बार पृथ्वी को क्षेत्रियों से रहित किया था। आ उन्होने बताया कि भगवान परशुराम शास्त्र व शस्त्र विद्या के पूर्ण ज्ञाता थे। प्राणी मात्र का हित उनका सर्वोपरि हित था । उन्होने कहा कि भगवान परशुराम तेजस्वी, ओजस्वी, वर्चस्वी महापुरूष थे, न्याय के पक्षधर होने होने के कारण भगवान परशुराम बाल अवस्था से ही अन्याय का निरन्तर विरोध करते रहे। उन्होने कहा कि भगवान परशुराम दीन-दुखियों, शोषित और पीड़ित वर्ग की सदैव सहायता एवं रक्षा करते रहे।
    इस मौके पर श्री ब्राह्मण सभा ईकाई के पदाधिकारी विजय भारद्वाज, रविदत्त भारद्वाज, अमित शर्मा, सुभाष शर्मा, सतीश ठाकुर, विकल्प सिंह ठाकुर, रतन हाब्बी, अरूण वशिष्ठ, वेदप्रकाश शर्मा, दिनेश शर्मा, अनिल शर्मा आदि उपस्थित रहे।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    • सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.