Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • 14 अगस्त को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • उपायुक्त ने बी.पी.एल. परिवारों के साथ किया संवाद
    • राजकीय महाविद्यालय सोलन में ‘माय भारत स्वच्छता पखवाड़ा’ आयोजित
    • सारा परियोजना के अध्ययन हेतु हिमाचल प्रदेश जल प्रबंधन बोर्ड का दल पहुंचा देहरादून,
    • पच्छाद में विकास चर्चा बैठक, प्रदेश सरकार पच्छाद की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने का आह्वान
    • नाहन मेडिकल कॉलेज की बदहाली कांग्रेस सरकार कब ठीक करेगी : डा राजीव बिंदल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, August 12
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»हृदय रोग इंजेक्शन निकला नकली, कालाअंब की फार्मा कंपनी पर सबसे बड़ी कार्रवाई
    सिरमौर

    हृदय रोग इंजेक्शन निकला नकली, कालाअंब की फार्मा कंपनी पर सबसे बड़ी कार्रवाई

    By Himachal VartaJune 20, 2026
    Facebook WhatsApp
    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):-हृदय रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाला एक महत्वपूर्ण इंजेक्शन जांच में नकली पाए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश औषधि प्रशासन ने कालाअंब स्थित एक दवा निर्माता कंपनी पर बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, मुंबई की रिपोर्ट के आधार पर कंपनी के सभी दवा निर्माण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। इसके साथ ही कंपनी द्वारा निर्मित और लाइसेंस प्राप्त सभी उत्पादों के निर्माण, बिक्री और वितरण पर भी रोक लगा दी गई है। मामला एडेनोसिन इंजेक्शन आईपी 6 मिलीग्राम/2 मिलीलीटर (कार्डियूरेक्स) के एक बैच से जुड़ा है। यह इंजेक्शन हृदय की असामान्य और तेज धड़कनों को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों में उपयोग किया जाता है। जांच के लिए भेजे गए नमूने को केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (सीडीटीएल), मुंबई ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 17-बी के तहत “स्प्यूरियस” अर्थात नकली दवा घोषित किया। सीडीटीएल देश की प्रमुख औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं में शामिल है, जहां दवाओं की गुणवत्ता और प्रामाणिकता की जांच की जाती हैरिपोर्ट सामने आते ही राज्य औषधि प्रशासन ने मामले को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम मानते हुए तत्काल नियामकीय कार्रवाई शुरू कर दी। लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश के तहत कंपनी को फार्म-25 और फार्म-28 के अंतर्गत प्रदान किए गए सभी विनिर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। साथ ही इन लाइसेंसों के तहत स्वीकृत सभी उत्पादों की अनुमतियां भी निरस्त कर दी गई हैं।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • 14 अगस्त को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • उपायुक्त ने बी.पी.एल. परिवारों के साथ किया संवाद
    • राजकीय महाविद्यालय सोलन में ‘माय भारत स्वच्छता पखवाड़ा’ आयोजित
    • सारा परियोजना के अध्ययन हेतु हिमाचल प्रदेश जल प्रबंधन बोर्ड का दल पहुंचा देहरादून,
    • पच्छाद में विकास चर्चा बैठक, प्रदेश सरकार पच्छाद की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने का आह्वान
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.