नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन में शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य एवं गरिमापूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों के अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करना तथा भारत के महान शिक्षाविद् एवं पूर्व *राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन* के शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को स्मरण करना रहा। समारोह में विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, कविता, भाषण, नाट्य एवं माइम जैसी विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्या श्रीमती स्टिमी मारिया, उप-प्रधानाचार्य एवं सदन प्रभारियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई तथा प्रार्थना की गई। इन प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक एवं भक्तिमय बना दिया।
इसके बाद कक्षा ग्यारहवीं के विद्यार्थियों ने शिक्षकों का तिलक लगाकर एवं सम्मानपूर्वक स्वागत किया। यह क्षण शिक्षक-शिष्य के आत्मीय संबंध को दर्शाने वाला रहा।
डॉ. राधाकृष्णन के जीवन एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर आधारित (लघु फिल्म) डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई। जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने उनके व्यक्तित्व, विचारों और शिक्षा के प्रति समर्पण को जाना।
शिक्षक दिवस समारोह में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में अनेक आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। शिक्षकों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए ‘Titles to Teachers’ ने समारोह में हास्य, उत्साह और आत्मीयता का रंग भर दिया।
कक्षा दसवीं के अफजल ने शिक्षक दिवस पर भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की।
कक्षा बारहवीं के राघव ने मधुर गीत प्रस्तुत कर समां बाँधा, जबकि निशचल एवं अंशिका ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।
झंकार एवं अदिति, कक्षा दसवीं की छात्राओं ने भाषण के माध्यम से शिक्षकों के महत्व और उनके योगदान को रेखांकित किया।
वहीं कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों की स्किट ने शिक्षा और शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया।
कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत माइम तथा कक्षा 11 के विद्यार्थियों के Lazy Dance ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों से गूँज उठा।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती *स्टिमी मारिया* ने अपने सम्बोधन में कहा कि गुरु दो अक्षरों से मिलकर बना ‘गु’ और ‘रु’ जिसका अर्थ होता है अज्ञान के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश देने वाला मार्गदर्शक।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। एक शिक्षक अपने व्यवहार, विचारों और संस्कारों के माध्यम से विद्यार्थियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। शिक्षक दिवस हमें अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत यह कार्यक्रम उनके प्रेम, सम्मान और प्रतिभा का सुंदर प्रतिबिंब है।”
उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पूरी टीम की सराहना की।
विद्यालय के *चेयरमैन श्री अनिल जैन, महासचिव श्री सचिन जैन* एवं अतिरिक्त कार्यभार देख रहे *श्री सम्यक जैन* ने संयुक्त रूप से शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा—
“शिक्षक राष्ट्र और समाज के भविष्य के वास्तविक निर्माता हैं। वे विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्य, आत्मविश्वास और जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करते हैं। एक शिक्षक का समर्पण अनेक विद्यार्थियों के जीवन को सकारात्मक रूप से बदल सकता है। अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन के सभी शिक्षक अपने ज्ञान, परिश्रम और निष्ठा से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शिक्षक दिवस के इस विशेष अवसर पर हम विद्यालय के सभी शिक्षकों के प्रति हार्दिक आभार एवं सम्मान व्यक्त करते हैं और उनके निरंतर योगदान के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित करते हैं।”
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों का सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन, प्रतिज्ञा एवं राष्ट्रगान हुआ। पूरे समारोह के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना स्पष्ट दिखाई दी।
अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन का यह शिक्षक दिवस समारोह गुरुजनों के प्रति सम्मान, विद्यार्थियों की प्रतिभा और विद्यालय परिवार की एकजुटता का यादगार उत्सव बनकर सामने आया।
