नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर विविध कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों ने आत्मसात किए बापू के आदर्श*
*नाहन* । सत्य को जीवन का आधार और अहिंसा को परिवर्तन का माध्यम बनाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय नाहन में श्रद्धा, राष्ट्रप्रेम और प्रेरणा से ओत-प्रोत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गांधीजी के जीवन, संघर्ष और आदर्शों को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से स्मरण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं विद्यालय प्रार्थना के साथ हुआ। इसके पश्चात सुश्री गौरिका ने महात्मा गांधी के जीवन-दर्शन एवं उनके विचारों पर प्रेरणादायक वक्तव्य प्रस्तुत किया।
कक्षा ग्यारहवीं की छात्राओं ने मधुर स्वर में ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन प्रस्तुत कर वातावरण को गांधीमय बना दिया।
कक्षा बारहवीं के छात्र शौर्य ने भी गांधीजी के व्यक्तित्व एवं उनके आदर्शों पर अपने विचार साझा किए।
विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर आधारित 20 मिनट की वृत्तचित्र फिल्म दिखाई गई।
इसके बाद आयोजित अंतर-सदनीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए गांधीजी के जीवन, विचारों और राष्ट्रीय आंदोलन से संबंधित अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में चिनार सदन प्रथम तथा सीडार द्वितीय स्थान पर रहा।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या *श्रीमती स्टिमी मारिया* ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गांधीजी के आदर्श केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी हमारे जीवन को सही दिशा देने वाले मूल्य हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, अहिंसा, अनुशासन, स्वच्छता और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के चेयरमैन *श्री अनिल जैन, महासचिव श्री सचिन जैन* एवं अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे *श्री सम्यक जैन* ने कहा कि गांधीजी के सत्य, अहिंसा और अनुशासन के आदर्श विद्यार्थियों के जीवन के लिए सदैव प्रेरणादायी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की शपथ ली। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि गांधीजी को सच्ची श्रद्धांजलि उनके विचारों को अपने आचरण में उतारकर ही दी जा सकती है।
*नाहन* । सत्य को जीवन का आधार और अहिंसा को परिवर्तन का माध्यम बनाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय नाहन में श्रद्धा, राष्ट्रप्रेम और प्रेरणा से ओत-प्रोत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गांधीजी के जीवन, संघर्ष और आदर्शों को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से स्मरण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं विद्यालय प्रार्थना के साथ हुआ। इसके पश्चात सुश्री गौरिका ने महात्मा गांधी के जीवन-दर्शन एवं उनके विचारों पर प्रेरणादायक वक्तव्य प्रस्तुत किया।
कक्षा ग्यारहवीं की छात्राओं ने मधुर स्वर में ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन प्रस्तुत कर वातावरण को गांधीमय बना दिया।
कक्षा बारहवीं के छात्र शौर्य ने भी गांधीजी के व्यक्तित्व एवं उनके आदर्शों पर अपने विचार साझा किए।
विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर आधारित 20 मिनट की वृत्तचित्र फिल्म दिखाई गई।
इसके बाद आयोजित अंतर-सदनीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए गांधीजी के जीवन, विचारों और राष्ट्रीय आंदोलन से संबंधित अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में चिनार सदन प्रथम तथा सीडार द्वितीय स्थान पर रहा।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या *श्रीमती स्टिमी मारिया* ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गांधीजी के आदर्श केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी हमारे जीवन को सही दिशा देने वाले मूल्य हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, अहिंसा, अनुशासन, स्वच्छता और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के चेयरमैन *श्री अनिल जैन, महासचिव श्री सचिन जैन* एवं अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे *श्री सम्यक जैन* ने कहा कि गांधीजी के सत्य, अहिंसा और अनुशासन के आदर्श विद्यार्थियों के जीवन के लिए सदैव प्रेरणादायी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की शपथ ली। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि गांधीजी को सच्ची श्रद्धांजलि उनके विचारों को अपने आचरण में उतारकर ही दी जा सकती है।
