नाहन। सिरमौर के महाराजाओं के समय में स्वच्छता की तुलना में नाहन शहर पूरे भारतवर्ष में दूसरे स्थान पर माना जाता था जबकि उस समय प्रथम स्थान पर स्वच्छता के आधार पर कलकत्ता को माना जाता था! समय की विडम्बना देखो कि अब जब केन्द्र सरकार ने स्वच्छता पर सर्वेक्षण 2020 कराया तो ये दोनों शहर ही अपने क्षेत्र की स्वच्छता को कोसों दूर ले गए! जहाँ तक नाहन शहर में सफाई कि स्वाल है तो यहाँ हर ओर गंदगी ही फैली हुई नजर आती है जिस ओर यहां की जनता से ज्यादा नगर परिषद जिम्मेवार है जो गंदगी फैलाने वालों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करते! इसी का ही परिणाम है कि आज नाहन शहर स्वच्छता के अनपात में 147वे स्थान पर पहुँच गया है! अभी भी परिषद के अधिकारियों ने नाहन शहर को साफ रखने के लिए अभियान चलाया हुआ है और इस के अनुसार शहर को डस्टबिन फ्री रखने का काम चलाया हुआ है और घर-घर से कूडा उठाने के लिए वाहन चलाए हुए हैं मगर फिर भी लोग सडको और गलियों के किनारे घरों का कूडा फैंक रहे हैं! हैरानी की बात यह है परिषद के अधिकारी ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने में फेल हो रहे हैं और शहर गंदा हो रहा है!
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Friday, October 2
