Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
    • पहाड़ों की कीमत पर विकास मंजूर नहीं, खनन में जवाबझदेही तय करे सरकार : पूर्व ‌मेजर जनरल अतुल कौशिक
    • रेणुकाजी के विधायक विनय कुमार ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया जोर
    • महिला आर्थिकी के साथ क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी टमाटर प्रसंस्करण इकाइयां – डॉ. शांडिल
    • नई तकनीक की जानकारी एवं कौशल उन्नयन बेहतर रोज़गार एवं स्वरोज़गार के लिए आवश्यक – डॉ. शांडिल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, October 18
    Himachal Varta
    Home»चण्डीगढ़»पंजाब कैबिनेट द्वारा कोविड संकट के कारण आए वित्तीय घाटे पर गहरी चिंता ज़ाहिर
    चण्डीगढ़

    पंजाब कैबिनेट द्वारा कोविड संकट के कारण आए वित्तीय घाटे पर गहरी चिंता ज़ाहिर

    By Himachal VartaAugust 26, 2020
    Facebook WhatsApp

    भारत सरकार से कठिन समय में राज्य की मदद के लिए मुआवज़ा मांगा

    चंडीगढ़। कोविड महामारी और लॉकडाऊन के निष्कर्ष के तौर पर राज्य सरकार को पड़े बड़े राजस्व घाटे का हवाला देते पंजाब कैबिनेट ने मंगलवार को भारत सरकार से राज्य की कठिन समय में मदद के लिए उचित मुआवज़े की माँग की।
    महामारी के चलते वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुये मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अध्यक्षता अधीन कैबिनेट के ध्यान में आया कि साल 2020 -21 की पहली तिमाही में राजस्व संग्रह में आई गिरावट चालू पूरे वित्तीय साल के अनुमानित घाटे को देखते हालत बहुत गंभीर हैं।
    वित्त विभाग की तरफ से कैबिनेट के आगे पेशकारी देते हुये बताया गया कि अप्रैल-जून 2020 के दौरान राज्य के अपने टैक्स एकत्रित करने में कुल 51 प्रतिशत की गिरावट आई है और इस समय के दौरान बजट अनुमानों के मुकाबले अकेला जी.एस.टी. का घाटा 61 प्रतिशत है। इस तिमाही में जी.एस.टी. और वैट राजस्व एकत्रित करने में इकट्ठे 54 प्रतिशत की गिरावट आई। अप्रैल -जून तिमाही के दौरान कुल राजस्व प्राप्तियों में 21 प्रतिशत गिरावट आई है।
    मंत्रीमंडल ने आगे चिंता ज़ाहिर करते हुये इस बात पर ध्यान दिया कि राज्य के ग़ैर टैक्स राजस्व एकत्रित करने के मामले में वित्तीय साल 2020 -21 की पहली तिमाही के बजट अनुमानों के मुकाबले 68 प्रतिशत का घाटा है। यह आंकड़े आई.एफ.एम.एस. (अकाउँटैंट जनरल पंजाब की तरफ से अब तक हासिल हुए) प्राप्त शुरुआती अनुमानों के अनुसार हैं।
    कैबिनेट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुये इस बड़े घाटे की भरपायी के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता की माँग की। मंत्रीमंडल ने यह भी ध्यान लाया कि राजस्व घाटा न सिफऱ् कोविड के खि़लाफ़ जंग पर बुरा प्रभाव डालेगा जो इस समय पर राज्य में अपने पूरे शिखर पर है बल्कि वेतनों की अदायगी समेत रुटीन के खर्चों के अलावा राज्य सरकार की मुख्य स्कीमों और प्रोग्रामों को लागू करने में भी रुकावट बनेगा।
    मंत्रीमंडल ने महसूस किया कि भारत सरकार को मौजूदा संकट में से पंजाब को निकालने के लिए लाजि़मी वित्तीय सहायता देने की ज़रूरत है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
    • पहाड़ों की कीमत पर विकास मंजूर नहीं, खनन में जवाबझदेही तय करे सरकार : पूर्व ‌मेजर जनरल अतुल कौशिक
    • रेणुकाजी के विधायक विनय कुमार ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया जोर
    • महिला आर्थिकी के साथ क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी टमाटर प्रसंस्करण इकाइयां – डॉ. शांडिल
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.