Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की
    • डॉ. शांडिल ने मेले के सफल आयोजन के लिए सभी को दी बधाई
    • उपायुक्त सोलन ने मेले की सफलता के लिए सभी का आभार किया व्यक्त
    • बेबी शो सफलतापूर्वक आयोजित
    • राष्ट्रीय सांख्यिकीय दिवस आयोजित
    • वेनेजुएला भूकंप और मानव सीमाएं – क्या हम आपदाओं के लिए तैयार हैं?
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Tuesday, June 30
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»105 करोड़ रुपये की लागत से मारकंडा चैनेलाईजेशन पर डा. बिन्दल की केन्द्रीय मंत्रियों से चर्चा
    हिमाचल प्रदेश

    105 करोड़ रुपये की लागत से मारकंडा चैनेलाईजेशन पर डा. बिन्दल की केन्द्रीय मंत्रियों से चर्चा

    By Himachal VartaNovember 23, 2020
    Facebook WhatsApp

    डा. बिन्दल ने मारकंडा चैनेलाईजेशन को शीघ्र केन्द्रीय स्वीकृति देने का किया आग्रह

    नाहन (हिमाचलवार्ता)। विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने आज हरियाण के तीर्थ स्थल आदि बद्री में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से भेंट कर उन्हें मारकंडा नदी के चैनेलाईजेशन के कार्य के लिए धन की स्वीकृति के साथ शीघ्र केन्द्रीय स्वीकृति दिलवाने का आग्रह किया। डा. बिन्दल ने श्री शेखावत को एक पत्र सौंप कर चैनेलाईजेशन प्रक्रिया में अब तक हुए औपचारिकताओं का हवाला भी दिया। उन्होंने केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री श्री रतन लाल कटारिया से भी भेंट की और उन्हें भी मारकंडा चैनेलाईजेशन सम्बन्धी पत्र सौंपा।
    केन्द्रीय जल संसाधन को पत्र सौंपते हुए डा. बिन्दल ने कहा कि वह नाहन विधानसभा क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण मारकंडा नदी के चेनेलाईजेशन के लिए पिछले अनेक वर्षों से प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि मारकंडा नदी के कारण अत्यधिक भूमि कटाव हो रहा है और इसका चैनेलाईजेशन किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि इस दिशा मं डीपीआर बनाकर अनेक स्तराें पर उसका अप्रूवल करवाया गया है जिसे अंतिम रिपोर्ट के लिए केन्द्र सरकार को भेजा गया है।
    उन्होंने कहा कि मारकंडा चैनेलाईजेशन 105 करोड़ रुपये की परियोजना है जिसके तहत नदी का चैनेलाईजेशन करने से जहां भूमि कटाव रूकेगा वहीं एकत्रित जल सिंचाई और अन्य कृषि गैर कृषि कार्यों में प्रयोग में लाया जाएगा जिससे क्षेत्र के किसानों के उत्पाद में वृद्धि होने के साथ उनकी आर्थिकी में जबरदस्त सुधार होगा।
    इस मौके पर हिमाचल प्रदेश जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विशेष तौर पर उपस्थित रहे।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की
    • डॉ. शांडिल ने मेले के सफल आयोजन के लिए सभी को दी बधाई
    • उपायुक्त सोलन ने मेले की सफलता के लिए सभी का आभार किया व्यक्त
    • बेबी शो सफलतापूर्वक आयोजित
    • राष्ट्रीय सांख्यिकीय दिवस आयोजित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.