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    Home»देश»प्रसिद्ध मसाला कंपनी एमडीएच के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी का निधन
    देश

    प्रसिद्ध मसाला कंपनी एमडीएच के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी का निधन

    By Himachal VartaDecember 3, 2020
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    महाशय धर्मपाल गुलाटी का नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण सम्मान के समय का फाइल फोटो।

    नयी दिल्ली (हिमाचलवार्ता)। प्रसिद्ध मसाला कंपनी एमडीएच मसाला के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी का बृहस्पतिवार को शहर के अस्पताल में निधन हो गया। सूत्रों ने बताया कि गुलाटी (97) का माता चनन देवी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। खबरों के मुताबिक उनका कोविड-19 संक्रमण के बाद का इलाज चल रहा था और सुबह हृदय गति रुकने से उनका निधन हुआ। मसाला किंग के नाम से मशहूर गुलाटी को 2019 में देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

    उनका जन्म 27 मार्च, 1923 को सियालकोट (अब पाकिस्तान में) में हुआ था और वह विभाजन के बाद भारत आ गए और दिल्ली में अपना व्यवसाय स्थापित किया। ‘महाशियां दी हट्टी’ (एमडीएच) की स्थापना उनके दिवंगत पिता महाशय चुन्नी लाल गुलाटी ने की थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘धर्म पाल जी बहुत ही प्रेरणादायक व्यक्तित्व थे। उन्होंने अपना जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।’

    शरणार्थी के रूप में आए थे भारत

    महाशियन दी हट्टी (एमडीएच) के मालिक धर्मपाल गुलाटी परिवार सहित 1947 में देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत चले आए और दिल्ली में आकर तांगा चलाना शुरू किया. भारत आने के समय उनके पास 1500 रुपये ही बचे थे, जिससे उन्होंने 650 रुपये में घोड़ा और तांगा खरीदकर रेलवे स्टेशन पर चलाना शुरू किया. कुछ दिनों के बाद उन्होंने अपने भाई को तांगा देकर करोलबाग की अजमल खां रोड पर मसाले बेचना शुरू कर दिया.

    पहली फैक्ट्री 1959 में कीर्ति नगर में

    धर्मपाल के मसाले की दुकान के बारे में जब लोगों को यह पता चला कि सियालकोट के देगी मिर्च वाले अब दिल्ली में हैं, उनका कारोबार फैलता चला गया. बता दें कि गुलाटी सियालकोट से थे और वहां महाशियन दी हट्टी नाम से उनका पारिवारिक कारोबार था, जो देगी मिर्च वाले के नाम से भी मशहूर था. गुलाटी परिवार ने मसालों की सबसे पहली फैक्ट्री 1959 में राजधानी दिल्ली के कीर्ति नगर में लगाई थी. इसके बाद उन्होंने करोल बाग में अजमल खां रोड पर ऐसी ही एक और फैक्ट्री डाली. 60 के दशक में एमडीएच करोल बाग में मसालों की मशहूर दुकान बन चुकी थी.

    हुरुन की सूची में सबसे बुजुर्ग अमीर शख्स

    एमडीएच मसालों का कारोबार लगातार बढ़ता रहा और आज यह 100 से भी अधिक देशों में इस्तेमाल किया जाता है. 5400 करोड़ की संपत्ति के साथ धरम पाल गुलाटी आईआईएफएल हुरुन इंडिया रिच 2020 की सूची में शामिल भारत के सबसे बुजुर्ग अमीर शख्स थे. इस सूची में उन्हें 216वें स्थान पर रखा गया था. 25 करोड़ का वेतन पाने वाले धर्मपाल गुलाटी यूरोमॉनिटर के मुताबिक एफएमसीजी सेक्टर में सबसे अधिक वेतन पाने वाले सीईओ बन चुके थे. उम्र के इस पड़ाव पर भी वह बहुत सक्रिय थे और हर दिन एमडीएच के कारखाने, बाजार और डीलर के पास हर रोज जाते थे.

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