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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»गुरु नगरी पांवटा साहिब में विश्व का पहला कवि दरबार स्थापित होगा
    सिरमौर

    गुरु नगरी पांवटा साहिब में विश्व का पहला कवि दरबार स्थापित होगा

    By Himachal VartaApril 19, 2021
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    गुरु की नगरी को लगेंगे चार चांद, विश्व का पहला कवि दरबार होगा स्थापित 

    राजस्थान और चंडीगढ़ से मंगवाए गए कारीगर, खास पत्थर से होगा पाांवट साहिब  कवि दरबार का निर्माण

    पांवटासाहिब(हिमाचल वार्ता) :- गुरु की नगरी पांवटा साहिब को अब बहुत जल्द चार चांद लगने वाले हैं। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु गोविंद सिंह पांवटा साहिब मे विश्व का पहला कवि दरबार बनने जा रहा है। जिससे गुरु की नगरी और आसपास के शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी की लहर है।

    बता दें कि गुरु की नगरी में एक ऐसी इमारत बनने जा रही है जो कि एक अजूबे से कम नहीं होगी। इसके लिए राजस्थान और चंडीगढ़ से कारीगर मंगवाए गए हैं। यही नहीं बल्कि इसके लिए धौलपुर से खास पत्थर मंगवाए गए हैं।

    यह अद्भुत कवि दरबार पूरे विश्व में हिमाचल प्रदेश में एकमात्र कवि दरबार होगा। सिख धर्म के इतिहास के अनुसार बताया जाता है कि गुरु गोविंद सिंह जी ने सन 1683  में पांवटा साहिब गुरुद्वारे की नींव रखी थी और उन्होंने यहां पर 52 कवियों के साथ कवि दरबार की शुरुआत की थी। तब से लेकर हर वर्ष यहां पर 52 कवि कभी अपनी रचनाएं पेश करते हैं।

    बताते चलें कि पावटा साहिब के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में हर पूर्णमासी में कवि दरबार लगाया जाता है। जिसमें दूर-दूर के कवि शामिल होते हैं, इस बार गुरुद्वारे में 321 व कवि दरबार सजाया गया।

    वही गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान हरभजन सिंह ने बताया कि पांवटा साहिब में एक अजूबा बनने जा रहा है। जो कि संसार में प्रसिद्ध होगा। इसके लिए दूर-दूर से कारीगर मंगवाए गए हैं। इसका काम अभी प्रगति पर चल रहा है, बहुत जल्द ही यह बनकर तैयार हो जाएगा।

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