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    Home»हिमाचल प्रदेश»प्रधानमंत्री ने इन्वेस्टर्स मीट आयोजित करने के लिए हिमाचल सरकार के प्रयासों को सराहा
    हिमाचल प्रदेश

    प्रधानमंत्री ने इन्वेस्टर्स मीट आयोजित करने के लिए हिमाचल सरकार के प्रयासों को सराहा

    By Himachal VartaNovember 7, 2019
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    इन्वेस्टर्स मीट से समावेशी, सामाजिक एवं आर्थिक विकास को बल मिलेगाः मुख्यमंत्री
    धर्मशाला। ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आज धर्मशाला आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया। उनका स्वागत मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा एसएआई मैदान में किया गया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, केन्द्रीय मंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, सांसद किशन कपूर ने समारोह स्थल पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया, जहां इन्वेस्टर्स मीट की ब्रांड एंबेसडर यामी गौतम ने प्रधानमंत्री को प्रदेश के लोगों की ओर से उन्हें हिमाचली टोपी और शाॅल भेंट की। पारम्परिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच रंग बिरंगे पारम्परिक परिधानों में सजे स्थानीय कलाकारों ने भी प्रधानमंत्री का ‘देव भूमि’ में स्वागत किया।
    प्रधानमंत्री ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और इनमें गहरी रुचि दिखाई। मुख्य सचिव डाॅ. श्रीकांत बाल्दी ने प्रदर्शनी के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी दी।
    प्रधानमंत्री ने उदघाटन सत्र के दौरान अपने संबोधन में इस भव्य आयोजन को आयोजित करने के लिए राज्य सरकार की प्रशंसा की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने काॅफी टेबल बुक ‘इन्वेस्टर्स हेवन राइजिंग हिमाचल’ का भी विमोचन किया।
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य के लोग भाग्यशाली हैं कि हिमाचल प्रदेश उनके दिल के करीब है, क्योंकि यह उनकी एक वर्ष के भीतर हिमाचल की दूसरी यात्रा है, जो प्रदेश और यहां के लोगों के प्रति उनके प्यार और स्नेह को दर्शाता है। इजरायल यात्रा के दौरान हिमाचली टोपी पहनना, ‘शिकागो टू शिमला’ का उल्लेख और हाल ही में अमेरिका के ह्यूटस्टन में ‘हाॅडी मोदी’ कार्यक्रम के द्वारा प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को वैश्विक मंच प्रदान किया है।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र उन्नति कर रहा है और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में देश ने अपनी छवि बनाई है। उन्होंने कहा कि मोदी द्वारा गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में आयोजित वाईब्रेंट गुजरात कार्यक्रम ने हिमाचल को निवेश आकर्षित करने का रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि गुजरात में आयोजित इवेंट की सफलता से प्रेरित होकर हिमाचल प्रदेश ने भी राज्य में व्यापक निवेश के लिए सम्मेलन को आयोजित करने का निर्णय लिया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राइजिंग हिमाचल ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के माध्यम से निवेश की अपार संभावनाओं को देखते हुए राज्य के सतत और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश ने तीन अंतरराष्ट्रीय रोड शो, छह डोमेस्टिक रोड शो और सम्मेलन तथा 50 देशों के राजदूतों के साथ बैठकें आयोजित की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने 85 हजार करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित कर 92,439 करोड़ रुपये के निवेश के 603 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किये हैं।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार औषधि निर्माण और शोध के साथ प्रदेश को थोक दवा निर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है, जिससे देश के दवा आयात बिल को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, शुद्ध और शांत वातावरण, सांस्कृतिक विविधता और भाषायी बहुलता हिमाचल को देश का लोकप्रिय गंतव्य बनाता है। राज्य आगंतुको को साहसिक, वन्य जीव, ईको-पर्यटन, धरोहर, आध्यात्मिक आदि विकल्प उपलब्ध करवाता है। सरकार पर्यटन को प्रदेश के विकास के लिए प्रमुख ईंजन के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अपनी निवेश नीति के अंतर्गत लुभावने प्रोत्साहन उपलब्ध करवा रही है तथा प्रदेश को निवेश के लिए और अधिक आकर्षित एवं निवेश-मित्र बना रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए पर्यटन नीति, फिल्म नीति, सूचना प्रौद्योगिकी नीति, आयुष नीति, अफोरडेबल हाउसिंग नीति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावशाली नीतियां बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रभावशाली दृष्टिकोण अपनाया है।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के दीर्घकालीन सामाजिक-आर्थिक विकास के उद्देश्य से स्वास्थ्य, गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने, सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा, सतत उद्योगिकरण, आर्थिक विकास, सतत शहर एवं गांव जैसे क्षेत्र चिन्हित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऊर्जा, पर्यटन एवं आवास जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों से ‘देवभूमि’ को अपनी ‘कर्मभूमि’ बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टमेंट प्रमोशन अथाॅरिटी स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वैट रिजाईम से संबंधित मामलों को सम्बोधित करने के लिए योजना भी स्वीकृत की है।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, कार्पोरेट जगत के नेताओं, वरिष्ठ नीति निर्माता, विकास एजेंसी, राज्य में सामाजिक-आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए विश्वभर से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को एक साथ लाने के लिए एक मंच प्रदान करना है।
    उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने इस अवसर पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश सरकार ने औद्योगिक निवेश नीति-2019 बनाई है तथा इस वर्ष जून माह में इस नीति को लागू किया है। प्रदेश में ईज़ आॅफ डूंईंग बिजनेस को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डिजिटाईज़ड कर दिया गया है और स्वयं प्रमाणन को भी प्रोत्साहित किया गया है।
    भारत में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत एचई अहमद अल बाना ने कहा कि यूएई ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में प्रदेश का सहयोगी देश है और इस समारोह को मैगा हिट बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के कुशल नेतृतव के कारण भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच द्विपक्षीय संबंध उच्च स्तर पर है। यूएई, संयुक्त राज्य और चीन के बाद भारत का उद्योग में तीसरा सबसे बड़ा सहयोगी देश है।
    भारतीय उद्योग संघ (राष्ट्रीय सहयोगी) के महानिदेशक चन्द्रजीत बैनर्जी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पास देश का प्रमुख औद्योगिक हब बनने के लिए अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए सीआईआई धर्मशाला में कौशल प्रशिक्षण संस्थान आरम्भ कर रही है।
    बीआरएस वेंचर के अध्यक्ष एवं संस्थापक डाॅ. बीआर शेट्टी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व में भारत वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।
    मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष आर.सी. भार्गव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का वातावरण निवेश के लिए देश में सबसे उपयुक्त है।
    ऊर्जा एवं अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जीएमआर समूह के अध्यक्ष श्रीनिवास बोमिदला ने कहा कि प्रदेश में निवेश का अनुभव उनके लिए बहुत अच्छा रहा है।
    भारती एन्टरप्राईज लिमिटेड के उपाध्यक्ष राकेश भारती मित्तल ने कहा कि भारती एन्टरप्राईज प्रदेश में लगभग 15000 युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवा रहा है तथा प्रधानमंत्री के डिजिडल इण्डिया के सपने को साकार करने में अहम् भूूमिका निभा रहा है।
    एमेजाॅन इण्डिया के प्रधान अमित अग्रवाल ने कहा कि ऐमेजाॅन के साथ 20 लाख महिला उद्यमी जुड़ी हुई हैं। समूह ने उद्यमियों के उत्पादों को बाजारों तक पहुंचाने के अतिरिक्त लाखों रोजगार के अवसर सृजित किए हैं।
    आदानी एग्रो आॅयल एवं गैस के प्रबंध निदेशक प्रणव आदानी ने कहा कि गुजरात में हुआ वाईब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर समिट प्रधानमंत्री की ही दूरदर्शिता का परिणाम था, जिसने आज के गुजरात की नींव रखी। उन्होंने कहा कि आदानी समूह हिमाचल में सेब के सीए स्टोर संचालित कर रहा है।
    इस अवसर पर हिमाचल में मौजूद व्यापक निवेश संभावनाओं को प्रदर्शित करने वाली एक फिल्म भी दिखाई गई।
    हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद एस पटेल, केंद्रीय वित्त एवं काॅरपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, सिक्किम प्रदेश के मुख्यमंत्री पवन कुमार तामांग, राज्यों के मंत्री, नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, विधायक, सांसद, विभिन्न बोर्ड और निगमों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, विश्व भर से आए दो हजार से अधिक प्रतिनिधि उद्घाटन सत्र में उपस्थित थे।

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