नाहन (हिमाचलवार्ता)। गुरु की नगरी पांवटा साहिब में बहती यमुना नदी की गहराई कितनी है। किसी को अंदाजा तक नही है और कई सालों से यहां पर सुरक्षा के कोई भी पुख्ता इंतजाम प्रशासन के द्वारा नही किये गए हैं जो बेहद शर्मनाक है।
बता दे की यमुना नदी में अभी एक सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री के गृह आवास मंडी के करसोग से दो युवकों की पांवटा साहिब यमुना नदी में डूबने से मौत हो गई वजह सिर्फ यह थी कि उन्हें तैरना नही आया,लेकिन वहां नदी के बीच में भी कोई चैन बना दी होती तो शायद वह बच सकते थे।
इस दौरान पांवटा एसडीएम भी मौके पर गए थे लेकिन शायद बातों को नजर अंदाज किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पांवटा पुलिस टीम की तो कोरोना कर्फ़्यू के चलते जहां सड़कों पर दिन-रात जवान कार्य कर रहे हैं तो क्या यमुना नदी और दो होमगार्ड्स की तैनाती नही हो सकती।
यमुना नदी पर रहने वाले पुजारी सुभाष भट्ट का कहना है कि प्रशासन को कही बार इस बारे में अवगत करवाया गया है। समस्या जस की तस बनी हु है।
उनका कहना है कि वर्तमान समय में जहां तकनीकी से देश का विकास चरम सीमा पर है तो वहीं नदी में एक चैन तक लोगों की सुरक्षा के लिएनही लगाई गई है।
वहीं दूसरी ओर पार्षद मधुकर डोगरी का कहना है कि वह एक स्विमर है और उनके अंदाजे से नदी की गहराई 40 फुट तक हो सकती है न तो यहां पर प्रशासन के द्वारा सावधानी बोर्ड लगा है कि लोग सतर्क रहें न होमगार्ड्स के जवानों की तैनाती यहां पर की गई हैं। जिसके कारण अक्सर यहां पर कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है।
