Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • शीध्र आरम्भ होगा सोलन-सुबाथू मार्ग के सुधारिकरण का कार्य-विक्रमादित्य सिंह
    • निविदाएं आमंत्रित
    • 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक चल रहे राज्यव्यापी री-केवाईसी संतृप्ति अभियान का उठाएं लाभ
    • बरसात के मौसम के दौरान नदियों, खड्डों तथा नालों से रहें दूर-उपायुक्त
    • उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित
    • ज़िला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, July 5
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे सड़क कार्य के मलबे को वन भूमि एवं टोंस नदी में डालने वाली कंपनी पर ठोका जुर्माना
    हिमाचल प्रदेश

    राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे सड़क कार्य के मलबे को वन भूमि एवं टोंस नदी में डालने वाली कंपनी पर ठोका जुर्माना

    By Himachal VartaMay 28, 2021
    Facebook WhatsApp

    नाहन (हिमाचलवार्ता)। विभाग द्वारा वन भूमि और नदी में मलबा डालने वही कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। गौर हो कि राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर श्रीक्यारी से गुम्मा के बीच चल रहे सड़क कार्य के मलबे को वन भूमि एवं टोंस नदी में डाला जा रहा था।

     ” नियमों को ताक पर रख कर एनएच का निर्माण कर रही कंपनियां , नदी में डाला जा रहा मलबा” नामक शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया , जिसके बाद वन विभाग ने आज मलबा फैकने वाली कम्पनी पर बड़ी कार्रवाई अम्ल में लाई है। वन विभाग ने हजारों रुपये की डीआर काटकर कार्य कर रही कम्पनी को अल्टीमेटम दिया है।

     जानकारी के मुताबिक मिनस से एक किलोमीटर पहले निजी कम्पनी राष्ट्रीय राजमार्ग 707 को खुला करने का कार्य कर रही है तथा दिनरात सड़क से निकल रहे मलबे को वन परिक्षेत्र के माध्यम से टोंस नदी में डाल रही थी कम्पनी ने बीते दिनों में हजारों ट्रक मलबा डम्पिंगयार्ड में न डालकर बैतरतीव फेंक दिया है जिससे वन संपदा, पेयजल स्त्रोत, वातावरण, पर्यावरण सहित घास पत्तियों का नुकसान हुआ है।

     इससे पहले कम्पनी निजी भूमि में हजारों ट्रक मलबा डालकर आनेवाली बरसात में क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबतें खड़ी कर चुकी है लेकिन एनएचएआई बेलगाम कम्पनी पर शिकंजा कसने में नाकाम रही है जिसके बाद एनएचएआई के अधिकारीयों कि कार्यप्रणाली में सवालिया निशान लग रहे है।

     जन जागरण मोर्चा शिलाई के सदस्य जगत सिंह की माने तो एनएचएआई के अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग 707 में कार्य कर रही कंपनियों के साथ भ्रष्टाचार में लिप्त है इसलिए बेलगाम कंपनियों पर कार्रवाई नही कर रही है।  जन जागरण मंच शिलाई का कहना है कि एनएचएआई अधिकारियों मेल व डाक के माध्यम से केंद्र सरकार, पर्यावरण विभाग, मिनिस्ट्री ऑफ इंडिया के साथ-साथ पीएम कार्यालय को शिकायत पत्र भेजा जाएगा जिसमे एनएचएआई अधिकारियों पर त्वरित सख्त कार्रवाई की मांग रखी जाएगी। 

     कार्यवाहक वन परिक्षेत्र अधिकारी रोनहाट कमलेश चौहान ने बताया कि मीडिया के माध्यम से मामला उनके संज्ञान में आया जिसके बाद मौका का निरीक्षण किया गया है तथा धत्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपये की डीआर काटी गई है। इसके अतिरिक्त नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।

    वन परिक्षेत्र अधिकारी शिलाई विद्या सागर बताते है कि एनएचएआई पूर्ण नियमानुसार कार्य नहीं कर रही है उनकी अनदेखी के कारण वन परिक्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। इसलिए कम्पनी को सही कार्य करने की हिदायतें दी गई है यदि फिर से वन परिक्षेत्र में सड़क का मलबा गिरता है तो कम्पनी के साथ एनएचएआई के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा तथा विभागीय कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • शीध्र आरम्भ होगा सोलन-सुबाथू मार्ग के सुधारिकरण का कार्य-विक्रमादित्य सिंह
    • निविदाएं आमंत्रित
    • 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक चल रहे राज्यव्यापी री-केवाईसी संतृप्ति अभियान का उठाएं लाभ
    • बरसात के मौसम के दौरान नदियों, खड्डों तथा नालों से रहें दूर-उपायुक्त
    • उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.