नाहन (हिमाचलवार्ता)। – हिमाचल बीजेपी ने 25 जून 1975 की इमरजेंसी को याद करते हुए 25 जून का दिन हिमाचल प्रदेश में काले दिवस के रुप में मनाया। सिरमौर जिला मुख्यालय में भी भाजपा ने सूक्ष्म कार्यक्रम आयोजित किया।
मीडिया से बात करते हुए जिला अध्यक्ष सिरमोर भाजपा विनय गुप्ता ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी गद्दी को बचाने के लिए देशभर में इमरजेंसी लागू की थी और कई हजारों लोगों को सलाखों के पीछे डाला गया।
उन्होंने कहा कि उस समय तानाशाही तरीके से पूरे देश को एक जेल में परिवर्तित कर दिया गया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कई नेताओं को भी जेलों में बंद कर दिया गया जिनमें हिमाचल प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले भी कई लोग शामिल थे।
उन्होंने कहा कि उस दौरान अभिव्यक्ति की आजादी को भी छीना गया और कई तरह की पाबन्दियाँ लगाई गई। भाजपा जिला अध्यक्ष विनय गुप्ता ने आपात काल को काला दिवस बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने इस दिन लोक तंत्र का गला घोंट दिया था। उन्होंने कहा कि हजारांे देशभक्तों को बिना किसी कसूर के जेल की काल कोठरी में ठूंस दिया गया था।
यह दौर और यह दिन देश में कभी न आए आज के दिन हम यह कामना करते हैं। हमारे युवा वर्ग को पता होना चाहिए कि किस प्रकार कांग्रेस ने अपनी सत्ता बचाने के लिए देश में आपाता काल लगा दिया था। मंडल अध्यक्ष प्रताप ठाकुर ने भी आपात काल दिवस को देश का काला और भारत का सबसे बुरा दिवस करार दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आपात काल लगा कर देश और देश की जनता के साथ धोखा किया था। बेकसूर लोगों को मारा पीटा गया उन्हें जेल में ठूंस दिया गया। काला दिवस आयोजन के प्रभारी ओपी सैनी ने इस अवसर पर कहा 25 जून का दिन अत्यतं भयावह था।
कांग्रेस ने जनता को गुलाम बना दिया था। चारों और अफरा तफरी का महौल था। समझ नहीं आ रहा था कि हो क्या रहा है। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते यह दिन कभी देशवासियों को कभी दोबारा देखने को मिले। उल्लेखनीय है कि नाहन के संघ के रमेश किशोर बंसल, ओ.पी. सैनी, प्रताप सैनी भी आपात काल के दौरान कांग्रेस शासन द्वारा तंग किया गया।
मंडल महामंत्री महामंत्री तपेन्द्र शर्मा, मीडिया प्रभारी राकेश गर्ग अलावा नीति अग्रवाल, संजय पुंडीर, शुभम सैनी, संध्या अग्रवाल, अलका गर्ग, कविता चैहान, जीनत खान, अमर सिंह, संजय चैहान, विजय चैरिया, मनीष अग्रवाल, अलका गुप्ता आदि शामिल रहे।
