नाहन (हिमाचलवार्ता)। महिला समाज कल्याण समिति शावगा द्वारा खादी ग्रामोद्योग आयोग के सौजन्य से स्फूर्ति योजना के तहत सिरमौर मधुमक्खी पालक समूह के सदस्यों की एक बैठक का आयोजन राजगढ मे किया गया।
महिला समाज कल्याण समिति शावगा के सचिव वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस बैठक की अध्यक्षता निदेशक खादी ग्रामोद्योग आयोग के निदेशक आई जवाहर द्वारा की गई।
इस मौका पर उन्होंने कहा कि स्फूर्ति भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा शुरू की गई योजना है। स्फूर्ति योजना के तहत बांस, खादी और शहद जैसे एमएसएमई उद्योग में काम करने वाले कारीगरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक ढंग से काम कर रहे उद्योगों का तथा उनके कारीगरों का कौशल विकास करना है। इसके लिए उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करना है। ताकि योजना के माध्यम से उद्योगों में स्थिरता बनी रहेगी और रोजगार में भी बढ़ोतरी आ सके।
इस योजना के माध्यम से प्रशिक्षकों को बेसिक उपकरणों और सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाती है जिससे कि उनको काम करने में आसानी हो सके।
उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा जिला सिरमौर में महिला समाज कल्याण समिति के माध्यम से लगभग 3 करोड़ रुपये की मधुमक्खी पालन की परियोजना चलाई जा रही है जिसमे लगभग तीन सौ मधुमक्खी पालकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इसके साथ साथ उन्हें मधुमक्खी पालन के लिए संसाधन भी प्रदान किये जाएगे ताकि जिले के मधुमक्खी पालक आत्मनिर्भर बन सके। इस मौका पर खादी ग्रामोद्योग आयोग के सहायक निदेशक देव राज जैन ने खादी ग्रामोद्योग आयोग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
परियोजना में मधुमक्खी पालन के मुख्य सलाहकार सरदार जगजीत सिंह कपूर ने मधुमक्खी पालकों को मधुमक्खी पालन की तकनीकी जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक तरीके अपना कर शहद के उत्पादन को कई गुणा तक बढाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन से हमें केवल शहद ही नहीं बल्कि अन्य पदार्थ जैसे वैक्स व जैली आदि भी मिलते है।
