नाहन (हिमाचलवार्ता)।
जिला सिरमौर में लगाई जाने वाली मक्की की फसल इन दिनों रोग की चपेट में है। फॉल आर्मी वर्म से प्रभावित मक्की की फसल विभिन्न क्षेत्रों में बर्बाद होकर रह गयी हैं। जिसके चलते किसानों अपनी फसल का मेहनताना भी मिलता नही दिख रहा हैं।
किसानों ने कहा कि कृषि विभाग मक्की की फसल में होने वाले रोगों के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रहा है किसानों की मुख्य नगदी फसलों में मक्की की फसल भी शामिल है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते मक्की की फसल में होने वाले रोगों के प्रति ध्यान नहीं दिया गया तो एक दिन ऐसा भी आएगा जब लोगों को मक्की खाने को भी नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आज मक्की की फसल में लगने वाले रोगों के कारण किसान मक्की की फसल से मुंह मोड़ने लगे हैं। किसानों ने मांग की है कि शोधकर्ताओं को समय रहते फील्ड इंस्पेक्शन करना चाहिए ताकि फसलों को समय रहते बीमारियों से बचाया जा सके।
कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन कुमार ने कहा कि जिला सिरमौर में 24000 हेक्टेयर भूमि पर मक्की की फसल उगाई जाती है इन दिनों बारिश कम होने के चलते मक्की की फसल में फॉल आर्मी वर्म रोग की चपेट में आई है जिससे 25 से 30 प्रतिशत फसल बर्बाद हुई है ।
उन्होंने कहा कि ऐसा बारिश कम होने और समय पर ना होने के चलते हुआ है । उन्होंने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि अपने खेतों का समय-समय पर निरीक्षण करें और जो पौधा बीमारी की चपेट में आया है उसको नष्ट करें ताकि समय रहते यह बीमारी अन्य पौधों में फैलने से रोकी जा सके ।
उन्होंने कहा कि किसानों को अपने खेतों में पक्षियों के बैठने की व्यवस्था भी करनी चाहिए ताकि पक्षी इन कीड़ों को खा सकें । जिससे बीमारी फेलन से रुक जाती हैं । उन्होंने कहा कि इसके अलावा अगर बीमारी नहीं रुकती तो किसान दवाइयों का छिड़काव भी कर सकते हैं ।
