नाहन (हिमाचलवार्ता)। पांवटा साहिब में भारत यूनियन की वर्धन राजबाला के नेतृत्व में सभी आशा वर्करों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। उनका कहना है कि सरकार हमसे चौबीस घण्टे काम करवा रही है लेकिन जो दाम मिलना चाहिए वह नही मिल रहा है ।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऊर्जा मंत्री से भी मानदेय बढ़ाने की बात कोविड की दूसरी लहर के दौरान की गई बावजूद इन बातों को नकारा गया है।कोविड के दौरान आशा वर्करों ने फील्ड में रहकर फ्रंट लाइन वारियर की तरह कार्य किया है।
तीसरी लहर के दौरान भी डटी हुई हैं,वहीं उनका यह कहना है की कि मात्र चार हज़ार मिलने से घर नही चल पा रहा ,व आने- जाने का किराया भी अपनी जेब से देना पड़ रहा है।
राज बाला का कहना है कि आखिर सरकार ने घोषणाएं क्यों की आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाया जाएगा या उन्हें सुरक्षा दी जाएगी। बावजूद यह सब बातें सिर्फ भाषण को बढ़ाने के लिए कही गई है लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही है।
आशा कार्यकर्ताओं ने एसडीएम विवेक महाजन के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा है उनकी मांग है कि उनके मासिक मानदेय 18 हज़ार तक किया जाए। वहीं ज्ञापन के माध्यम से एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दिलाया है कि उनकी बातों को वह जरूर सरकार तक पहुंचाएँगे।