नाहन (हिमाचल वार्ता) :- कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए सरकार के आदेशों के बाद एचआरटीसी की बसें 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलाई जा रही है। सवारियां कम मिलने के कारण एचआरटीसी नाहन डिपो को रोजाना तीन लाख रुपयों का नुकसान हो रहा है।
एचआरटीसी के नाहन बस अड्डा प्रभारी सुखराम ने बताया कि सरकार के आदेशों के बाद रूटों पर चलने वाली बसों में 50 प्रतिशत सवारियां ही बिठाई जा रही है। कोरोना के चलते सवारियां पहले ही कम मिल रही है।
इसके अलावा हिमाचल बॉर्डर पर भारी राज्यों से आने वाले लोगों को वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र और कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी पड़ती है जो कि सवारी न मिलने का एक बड़ा कारण है।
उन्होंने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल और सरकार के आदेशों का पालन करते हुए एचआरटीसी नाहन डिपो को रोजाना करीब तीन लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर सावधानियां बरती जा रही है ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।
