नाहन (हिमाचलवार्ता)। इंसान में अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो वह कुछ भी कर सकता । उसके लिए ना तो विकलांगता और ना ही गरीबी मायने रखती है।
ऐसे ही एक युवा गिरिपार क्षेत्र की ग्राम पंचायत दाया कुहंट के गांव कांडी के रविंद्र ठाकुर है। जिसने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने के बावजूद भी हार नही मानी।
रविन्द्र ने विकलांग होने के बाद भी हिम्मत नही हारी ओर प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी में अविरल जुट गए और अंत मे सफलता हासिल कर ली। रविन्द्र का चयन बैंकिंग सेवा में सहायक प्रबंधक के पद पर हुआ है।
वर्तमान में राज्य सहकारी बैंक में सहायक प्रबन्धक के पद पर जुन्गा में कार्यरत है। बैंक में चयन के बाद रविन्द्र ने अपने परिवार का नाम बीपीएल से कटवा दिया है ताकि किसी अन्य परिवार को बीपीएल क लाभ मिल सके।
रविन्द्र जहां अपनी सफलता का श्रेय माता पिता को देते है , वहीं एचएएस अधिकारी और मुख्यमंत्री के सयुंक्त सचिव केवल शर्मा को अपना मार्गदर्शक बताते है।
रविंद्र ने कहा कि केवल शर्मा के मार्गदर्शन में उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। रविन्द्र का राज्य सहकारी बैंक में चयन होने से गिरिपार क्षेत्र मे खुशी की लहर है।
