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    Home»हिमाचल प्रदेश»आजादी के सात दशकों बाद भी नहीं मिल पाया राजगढ़ को अग्निशमन केंद्र
    हिमाचल प्रदेश

    आजादी के सात दशकों बाद भी नहीं मिल पाया राजगढ़ को अग्निशमन केंद्र

    By Himachal VartaSeptember 17, 2021
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    नाहन (हिमाचलवार्ता)। आजादी के लगभग 7 दशकों के बाद भी उपमंडल मुख्यालय राजगढ़ में अग्निशमन केंद्र नहीं खुल पाया है। यहा क्षेत्र के लोग दशकों से अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग कर रहे है। मगर यहा सरकारो द्वारा इस और कोई ध्यान नही दिया जा रहा है।

    यहा इस समय 30 पंचायते और एक नगर पंचायत है , मगर हजारों की आबादी वाले इस क्षेत्र में आगजनी की घटना होने पर लोगो की सुरक्षा राम भरोसे है। अगर भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो यह क्षेत्र काफी बड़ा है और कई किलोमीटर तक फैला है।

    क्षेत्र की सीमा एक और चौपाल उपमंडल के साथ धारटूखाडी व नेरीपूल मे उपमंडल ठियोग के साथ जघेड मे उप मंडल कुसुम्पटी के साथ तथा गिरी पुल मे उपमंडल कंडाघाट के साथ तथा छोगटाली मे रेणुका उपंमडल के साथ लगती है यहा उपमंडल मुख्यालय राजगढ़ से जो सबसे नजदीकी अग्निशमन केंद्र पड़ता है वह लगभग 40 कि मी दूर सोलन है।

    राजगढ़ उपमंडल के बाकी स्थानों से सोलन की दूरी 50 से 100 कि मी तक है। अगर ऐसे में कहीं आगजनी की घटना हो जाये तो सोलन से फायर ब्रिगेड की गाड़ी को पहुँचने के लिए 2 से 4 घंटे का समय लग जाता है।

    सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इतनी देर में आगजनी की घटना में कुछ भी नहीं बच सकता। इसके अतिरिक्त यहा क्षेत्र में चीड़ के जंगलों की संख्या भी काफी अधिक है। यह चीड के जंगल क्षेत्र के लिए बारूद के ढेर साबित हो रहै है।

    गर्मियों के दिनो मे यहा इन जंगलों में अचानक आग भड़क जाती है और जंगलों के साथ लगते बगीचो फसल से लहलहाते खेत तथा कई बार तो गौ शालाओं व घरों तक को अपनी चपेट में ले लेते है। इतना ही नही जंगलो मे भी यह आग करोडो रूपये की वन संपदा के साथ साथ वन्य जीवों को भी खत्म कर देती है।

    ऐसे में अगर राजगढ उपमंडल मुख्यालय में अग्निशमन केंद्र खुल जाए तो आगजनी से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    स्थानीय विधायक रीना कश्यप के अनुसार लोगो यह मांग उनके ध्यान में है और इसे पुरजोर तरीके से सरकार के समक्ष उठाया जा रहा है और जल्द ही इस मांग के पूरे होने की संभावना है ।

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