Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • निविदाएं आमंत्रित
    • 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक चल रहे राज्यव्यापी री-केवाईसी संतृप्ति अभियान का उठाएं लाभ
    • बरसात के मौसम के दौरान नदियों, खड्डों तथा नालों से रहें दूर-उपायुक्त
    • उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित
    • ज़िला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित
    • सुप्रीम कोर्ट में केसों को निपटाने के लिए ऑनलाइन करें आवेदन समाधान समारोह के तहत लगेंगी विशेष अदालतें
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Saturday, July 4
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»  ओबीसी सूची से जाति का नाम हटाए जाने पर गंघर्व समुदाय  क्षुब्ध
    हिमाचल प्रदेश

      ओबीसी सूची से जाति का नाम हटाए जाने पर गंघर्व समुदाय  क्षुब्ध

    By Himachal VartaSeptember 25, 2021
    Facebook WhatsApp
     सीएम ने  समस्या हल करने का दिया आश्वासन

    नाहन (हिमाचलवार्ता)। ओबीसी सूची से जाति का नाम हटाए जाने पर प्रदेश का गंघर्व समुदाय काफी क्षुब्ध है । जिस बारे बीते दिन गंधर्व कल्याण परिषद हिप्र के एक प्रतिनिधि मंडल ने  अध्यक्ष विद्यानंद सरैक के नेतृत्व में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर  से भेंट भी की तथा  तूरी, हासी और ढाकी जाति को ओबीसी से हटाए जाने बारे विस्तार से अवगत करवाया गया । परिषद के प्रेस सचिव रमेश सरैक ने बताया कि सीएम ने उनकी इस गंभीर समस्या को ध्यान से सुना तथा  सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया गया। रमेश सरैक ने  बताया कि उनके साथ एक बहुत बड़ा अन्याय हुआ है । इनका कहना है कि गंधर्व अर्थात तूरी, हासी और ढाकी  जाति प्रदेश में सबसे अल्पसंख्यक श्रेणी में आती है । सबसे अहम बात यह है कि इनके द्वारा देव संस्कृति और देव परंपराओं को सदियों से निभाया जा रहा है । उन्होंने   बताया कि इस जाति के अनेक ऐसे परिवार है जोकि आज भी देवताओं की जमीन पर काश्त करके रोजी रोटी कमा रहे हैं ।
    रमेश सरैक ने बताया कि  भारत सरकार द्वारा 1993 में जारी सूची में तूरी, हैसी और ढाकी जाति का नाम शामिल थे । जिसकी सूची सीएम को भी दी गई है । ओबीसी के आधार पर इस जाति वर्ग के अनेक लोगों द्वारा वर्ष 2000 और 2005 में पंचायत चुनाव भी लड़ा गया था । वर्ष 2014 तक ओबीसी सूची में इस जाति का जिक्र किया गया था परंतु अक्समात इन जातियों को ओबीसी सूची से हटाया गया जोकि इन जातियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है । बता दें  कि इन जाति वर्ग की ऐसी  स्थिति हो गई है कि इनको न ही स्वर्ण और न ही अनुसूचित जाति श्रेणी में माना जाता है । रमेश सरैक का कहना है कि गंधर्व समुदाय का प्रदेश की संस्कृति के संवर्धन व संरक्षण में अहम भूमिका निभाई जा रही है और प्रदेश में आदिकाल से गाए जाने वाले लोकगीतों, पारंपरिक वाद्य यंत्रों व देव पंरपराओं का संजोए रखा है । इनका कहना है कि गंधर्व समुदाय का नाम ओबीसी की सूची से किस  रिपोर्ट के आधार पर काटा गया है इसकी जांच होनी चाहिए । उन्होने बताया कि ओबीसी सूची से हटाए जाने बारे इस जाति वर्ग से किसी प्रकार की कोई संवाद भी नहीं किया गया । रमेश सरैक का कहना है कि यदि प्रदेश सरकार द्वारा इस गंभीर मुददे पर कोई पग नहीं उठाया गया तो उन्हें मजबूरन अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा ।
    प्रतिनिधि मंडल में उपाध्यक्ष भूषण, हेतराम गंधर्व, रामदयाल सैनी, महासचिव बेलीराम, अतर सिंह, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार, रमेश गंधर्व सहित गंधर्व कल्याण परिषद के अन्य सदस्य शामिल थे ।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • निविदाएं आमंत्रित
    • 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक चल रहे राज्यव्यापी री-केवाईसी संतृप्ति अभियान का उठाएं लाभ
    • बरसात के मौसम के दौरान नदियों, खड्डों तथा नालों से रहें दूर-उपायुक्त
    • उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित
    • ज़िला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.