नाहन (हिमाचलवार्ता)। बूढ़ी दिवाली के अवसर पर जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के नाया गांव में शुनकुटा बिरादरी मिलन समारोह आयोजित किया गया।
इस ऐतिहासिक मिलन समारोह में जिला सिरमौर के अलावा उत्तराखंड और शिमला जिला के शुनकुटा बिरादरी के 73 गांव के ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
नाया में आयोजित इस शुनकुटा बंधु मिलन समारोह में शुनकुटा बिरादरी के उत्थान को लेकर कई लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही इस समारोह में कई ऐतिहासिक निर्णय भी लिए गए जिसमें सबसे अहम निर्णय लिया गया कि शुनकुटा बिरादरी का कोई भी व्यक्ति शराब का सेवन नहीं करेगा।
यदि कोई शुनकुटा बिरादरी से संबंधित व्यक्ति शराब का सेवन करते हुए पाया जाता है तो उसे ना केवल आर्थिक दंड दिया जाएगा बल्कि उसे बिरादरी से बाहर भी किया जा सकता है।
नाया में आयोजित समारोह में दो राज्यों के 73 गांव के करीब 12 सौ से अधिक शुनकुटा बंधुओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शुनकुटा बिरादरी से संबंध रखने वाले लोगों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
इस समारोह में शिरगुल महाराज की उपासना के साथ-साथ विजिट महाराज की उपासना को लेकर भी कई मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही चूड़धार के मुख्य मंदिर में पूजा अर्चना के संदर्भ में भी विचार विमर्श किया गया।
